पांच माह से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठारू में लटका है ताला
मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए कई किलोमीटर की लगानी पड़ रही दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे धरातल पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण सेवाएं चरमराई गई हैं।
ननखड़ी उपमंडल के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठारू में बीते करीब पांच माह से ताला लटका हुआ है। ऐसे में मरीज उपचार के लिए भटक रहे हैं। मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए मरीजों को कई किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। कठिन भोगौलिक परिस्थितियों में भी ग्रामीण कई किलोमीटर दूर जाकर प्राथमिक उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र ठारू में अक्तूबर, 2023 से ताला लटका हुआ है। वहीं चिकित्सक का पद वर्ष 2021 और फार्मासिस्ट का एक वर्ष से खाली चल रहा है। स्टाफ की तैनाती न होने से क्षेत्र के हजारों मरीजों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। मरीजों को उपचार के लिए खनेरी अस्पताल, रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र से नागाधार, चढ़ी-ढारण और कलमोग सहित अन्य गांव लाभान्वित होते हैं। सौरव, दिनेश, प्रेम राज, राजेंद्र, विद्या देवी, शकुंतला देवी, तारा सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग की है, ताकि घरद्वार उपचार की सुविधा मिल सके।
उधर, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर के बीएमओ प्रदीप शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र ठारू में चिकित्सक और फार्मासिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। रिक्त पदों को लेकर सरकार और उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही सरकार रिक्त पदों को भरेगी।