न लिफ्ट से जुड़ा भवन, न नया स्टाफ, सिटी स्कैन की सुविधा भी नहीं
वर्तमान स्टाफ के सहारे चलेंगी सेवाएं
शुक्रवार को पूजा-अर्चना के साथ ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में चार जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। यहां ट्रॉमा सेंटर बनाने की मांग वर्षों से उठ रही थी। शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खोला गया, लेकिन यदि बात करें सुविधाओं की तो भवन न तो लिफ्ट से जुड़ा पाया, न यहां नए स्टाफ की तैनाती हुई और न ही यहां सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में इस ट्रॉमा सेंटर में कैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बहरहाल खनेरी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की यहां की व्यवस्था संभालेंगे।
गौर हो कि खनेरी अस्पताल प्रदेश के शिमला, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति जिले से पहुंचने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। रोजाना करीब एक हजार की ओपीडी वाले इस अस्पताल में पहले ही स्टाफ की किल्लत चल रही है। पहाड़ी जिले होने के कारण इस अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की मांग वर्षों से चली आ रही थी, ताकि हादसों और आपातकालीन मरीजों को यहां से 130 किलोमीटर दूर शिमला रेफर न करना पड़े। वर्षों के इंतजार के बाद ट्रॉमा सेंटर का भवन बना और आनन फानन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मार्च 2023 में इसका उद्घाटन भी कर दिया, लेकिन उद्घाटन के नौ माह बाद भी इस भवन में सेवाएं शुरू नहीं हो पाईं। हैरानी की बात है कि ट्रॉमा सेंटर भवन लिफ्ट से नहीं जुड़ पाया है। ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की तैनाती अब तक नहीं हो पाई है। यही नहीं ट्रॉमा सेंटर में अनिवार्य सिटी स्कैन तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ के सहारे ही ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था चलेगी। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र के लोगों के लिए एक मजाक बनकर रह गया है।
शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन ने नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में पूजा-अर्चना की और यहां पर आपातकाल सेवाओं को शुरू कर दिया गया। यानि अस्पताल में अगर कोई दुर्घटना से संबंधित मरीज पहुंचता है तो उसे अब ट्रामा सेंटर में भेज जाएगा। अभी सुबह साढ़े नौ बजे से रात साढ़े नौ बजे तक ही सेंटर में सेवाएं मिलेंगी। अभी यहां पर आपातकाल सेवाओं को सुचारु करने के लिए वार्ड में बेड लगा दिए गए हैं। इसके अलावा अभी सेंटर में कोई अन्य सुविधा शुरू नहीं की गई है। अगर कोई दुर्घटना से संबंधित मरीज यहां पहुंचता है तो उसे एक्सरे, सिटी स्कैन और दूसरे टेस्ट के लिए स्ट्रैचर पर उठाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना पड़ेगा।
उधर, खनेरी अस्पताल के कार्यकारी एमएस डॉ. अजय नेगी ने बताया कि ट्रामा सेंटर में आपातकाल सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। अभी ट्रामा सेंटर में खनेरी अस्पताल का स्टाफ ही सेवाएं देगा।