. प्लम की विभिन्न किस्में तैयार कर आर्थिकी मजबूत कर रहे बागवान . काट-छांट के बाद पेस्टिंग कार्य करें बागवान : डॉ. संजय संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के निचले क्षेत्रों में बागवान प्लम की प्रूनिंग कार्य में जुटे हुए हैं। कई क्षेत्रों में प्लम के पेड़ों की काट-छांट के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। बागवान बगीचों को संवार रहे हैं। निचले क्षेत्रों में प्लम बागवानों की मुख्य आमदनी है और बागवान प्लम की विभिन्न किस्मों के बगीचे तैयार कर आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। रामपुर उपमंडल के राजपुरा, खनोटू, स्विचयार्ड, खखरोला, नोगली, तलाई, दत्तनगर, निरसू, कोटगढ़, भद्राश, रचोली, रतनपुर और गसो समेत कई निचले क्षेत्रों में बागवानों ने प्लम के पेड़ों की काट-छांट का कार्य शुरू कर दिया है। पेड़ों की प्रूनिंग के बाद बागवान पेस्टिंग का कार्य शुरू करेंगे, जिससे पेड़ों को कैंकर रोग से बचाया जा सके। वहीं, बारिश आने के बाद बगीचों में तौलिये बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रदेश में सेब के बाद निचले क्षेत्रों में प्लम बागवानों की मुख्य फसल है। सेब के साथ अब प्लम के बगीचे तैयार कर लोअर बेल्ट के बागवान अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। हालांकि, जहां दशकों से सेब ने अपनी बादशाहत कायम की है, वहीं अब कुछ वर्षों से निचले क्षेत्रों में बागवानों का प्लम की विभिन्न वैरायटी तैयार करने की ओर रुझान बढ़ रहा है। सेब के बगीचे तैयार करने में काफी ज्यादा खर्च आता है, जबकि प्लम के बगीचे तैयार करने में सेब की अपेक्षा बागवानों को कम खर्च वहन करना पड़ता है। ऐसे में बागवान निचले क्षेत्रों में प्लम के बगीचे तैयार करने में दिलचस्पी ले रहे हैं। प्रगतिशील सुरेंद्र सिंह, राकेश चौहान, किशोर चौहान, आनंद नेगी, रणजीत चौहान, ऋतिक चौहान, योग राज, प्रेम राज और रजनीकांत सहित अन्य बागवानों ने कहा कि इन दिनों प्लम के पेड़ों की काट-छांट कार्य जोरों पर चला हुआ है। कटिंग के बाद टहनियों में पेस्ट लगाया जाएगा।
पतझड़ के बाद ही करें प्रूनिंग का कार्य
बागवानी विभाग रामपुर के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार चौहान ने कहा कि पेड़ों में पतझड़ के बाद ही बागवान प्रूनिंग कार्य करें। काट-छांट के बाद पेड़ों पर पेस्टिंग अवश्य करें।