फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: सेब पर न्यूनतम दाम न बढ़ने से निराश बागवान

विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सभा में हर्ष महाजन के सवाल पर वाणिज्य मंत्री ने कहा-सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से जुड़ा कोई प्रस्ताव नहीं
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। बागवानों को विदेशी सेब की रोक और आयात कम करने के लिए किए गए प्रयास सिरे नहीं चढ़ सके। सांसद हर्ष महाजन की ओर से राज्यसभा में पूछे सवाल के जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने साफ कह दिया कि मंत्रालय के पास सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से जुड़ा कोई प्रस्ताव नहीं है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्रालय का जवाब आने के बाद हिमाचल में बागवान नाराज हैं और सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस-माकपा के नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। कुछ दिन पहले शिमला में भाजपा नेता चेतन बरागटा ने न्यूनतम आयाज मूल्य 50 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिकिलो करने का दावा किया था। भाजपा नेता की ओर से सेब पर 80 रुपये करने का फैसला हिमाचल के 5,500 करोड़ रुपये के सेब उद्योग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा था। विदेशों से आयातित सेब से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड का सेब उद्योग संकट में है। यदि न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रतिकिलो होता, तो 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगने पर बाहर का सेब 120 रुपये से कम नहीं पहुंचता। इससे यहां के बागवानों को इसका लाभ मिलना था। हिमाचल के ढाई लाख से ज्यादा बागवान परिवार आयात मूल्य बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडी के सुंदरनगर में एक जनसभा में सेब पर आयात शुल्क 100 प्रतिशत करने का वादा किया था।
-हिमाचल के बागवान लंबे समय से सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विदेशों से सेब का आयात हर साल बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा इंपोर्ट तुर्की और ईरान से हो रहा है। भाजपा नेता चेतन बरागटा में झूठ बोलने में नंबर एक है। -कौशल मुगटा जिला परिषद सदस्य एवं कांग्रेस प्रवक्ता
विज्ञापन

-केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने की तैयारी है। इसके लिए माहौल बनाने के लिए भाजपा नेताओं ने हिमाचल में झूठ बोला। हिमाचल में किसानों-बागवानों के मुद्दों में रुचि नहीं दिखा रही। -सोहन ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष, सेब उत्पादक संघ

-न्यूनतम आयात मूल्य और सेब पर आयात शुल्क बढ़ोतरी को लेकर भ्रामक प्रचार किया गया। भाजपा नेता ने जनता में झूठ फैलाया। अब राज्यसभा में जवाब से वे एक्सपोज हो गए। सेब पर न्यूनतम आयात मूल्य 100 रुपये प्रतिकिलो और आयात शुल्क भी चाय-कॉफी की तर्ज पर 100 प्रतिशत होनी चाहिए। संजय चौहान
विज्ञापन


-बागवानों को एकजुट होने की जरूरत है। खासकर विदेशों का सेब बागवानी के लिए संकट पैदा कर रहा है। यहां उत्पादन लागत और विदेश की उत्पादन लागत में बड़ा अंतर है। पैदावार भी यहां से प्रति हेक्टेयर कई गुना अधिक है। यदि विदेशों का सेब भारतीय बाजार में नहीं रोका गया तो हिमाचल का सेब उद्योग बर्बाद हो जाएगा। हरीश चौहान, प्रदेश संयोजक सेब उत्पादक संघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें