संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/सांगला। दिसंबर महीने में रामपुर, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। इसके अलावा पर्यटन स्थल, नारकंडा, कुफरी और खड़ा पत्थर में भी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र शीत लहर की चपेट में आ गया है। कुल्लू के जलोड़ी दर्रे में ताजा बर्फबारी के कारण नेशनल हाईवे-305 यातायात के बाधित होने से क्षेत्र की 65 पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
रविवार देर शाम से मौसम में आई तबदीली के चलते जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा, पूह और निचार खंड के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा, जबकि निचले इलाकों में बारिश होती रही। सोमवार को छितकुल, कुन्नोचारंग, आसरंग, नेसंग, हांगो, सुमरा और शलखर सहित अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होती रही। सोमवार को रिकांगपिओ डिपो की एक बस बर्फबारी के बीच काजा में ही फंस गई। बर्फबारी के बाद जिले के सांगला का न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
सोमवार को किन्नौर के कल्पा का अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रामपुर उपमंडल के काशापाट, नरैण बाहली, सुंगरी, 15/20, 12/20 क्षेत्र के ऊंचे इलाकों भी बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। जबकि निचले इलाकों में रूक-रूक बारिश का दौर चलता रहा। रामपुर के सभी ग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी की बसों सहित अन्य वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है। रामपुर से वाया नारकंडा शिमला वाहनों आवाजाही देर शाम तक नियमित रूप से चल रही है।
परिवहन निगम रिकांगपिओ डिपो के अड्डा प्रभारी सुमन नेगी ने कहा कि सोमवार को खराब मौसम के चलते अब तक कोई भी रूट प्रभावित नहीं हुआ है। ग्रामीण रूटों सहित शिमला और काजा की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।