रोहड़ू। प्रशासन के आदेश के बाद भी बगीचों में काट-छांट के बाद गिरी सेब के पेड़ों की टहनियों को जलाने का सिलसिला नहीं थम रहा। हवा में फैले धुंए से चारों ओर अंधेरा हो रहा। वहीं आग से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। अब वन विभाग ने सख्त दिखाते हुए पंचायतों को आदेश दिया है कि आग को रोकने में सहयोग नहीं किया तो टीडी का अधिकार पांच साल के लिए रद्द कर दिए जाएंगे।
बता दें कि इससे पहले एसडीएम ने बीडीओ के माध्यम से पंचायतों को आदेश दिए थे कि आग लगाने वाले लोगों की सूचना विभाग तक पहुंचाएं। आग लगाने वालों का पता चलते ही उनके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी। प्रशासन के आदेश के बाद आग लगाने का सिलसिला कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन रूका नहीं। अब भी चारों ओर जंगलों और बगीचों से धुआं ही धुआं उठ रहा है।
डीएफओ रोहडू शहनवाज भट्ट ने शुक्रवार को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि अब जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएगे। उन्होंने कहा कि जंगल के नजदीक सौ मीटर के दायरे में बिना अनुमति आग जलाने पर पांच हजार और वन भूमि की सीमा के समीप ज्वलनशील लकड़ी-पत्तियां जमा करने पर तीन हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वन विभाग में रेज अधिकारी की अनुमति के बिना कोई खुले में आग नहीं जलाएगा। जले हुए वन क्षेत्र का नुकसान के तौर पर ढाई हजार रुपये प्रति बीघा जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा इसके लिए स्थानीय लोगों का सहयोग न मिलने पर उनके टीडी के अधिकार पांच साल के लिए रद्द किए जाएंगे।