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Rampur Bushahar News: प्लम की फ्लावरिंग पर सूखे की मार, तापमान के उतार-चढ़ाव का भी असर

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सेंटा रोजा प्लम के पेड़ों में पत्तियों की भरमार, फूल आए कम
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फसल प्रभावित होने का मंडरा रहा खतरा, शुरुआती दौर में ही लग रहा झटका
संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। सर्दियों में कम बारिश और फरवरी में तापमान में बढ़ोतरी का असर प्लम की फ्लावरिंग पर पड़ रहा है। इस बार प्लम के पेड़ों में पत्ते ज्यादा और फूल कम निकले हैं। इससे रामपुर उपमंडल के निचले क्षेत्रों के बागवान परेशान हैं।

रामपुर के निचले क्षेत्रों में रेडब्यूट प्लम के बाद अब सेंटा रोजा किस्म के प्लम में फ्लावरिंग का दौर शुरू हो गया है। राजपुरा, मशेली, नोगली और निरसू सहित अन्य क्षेत्रों में प्लम के बगीचों में पत्तियां ज्यादा और फूल कम आ रहे हैं। ऐसे में फसल प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है और बागवान चिंतित हैं। बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। उनके बंपर फसल के सपने चकनाचूर हो रहे हैं। बागवानों के अनुसार सर्दियों में सूखे की मार और इन दिनों तापमान के उतार-चढ़ाव से समस्या बढ़ी है। देवेंद्र सिंह, किशोर चौहान, राधा कृष्ण, सुरेंद्र, रंजीत, शेर सिंह और भूपेंद्र सहित अन्य बागवानों ने कहा कि सेंटा रोजा प्लम के बगीचों में पत्तियां ज्यादा और फूल कम आए हैं। इसके कारण फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। सर्दियों में पर्याप्त बारिश न होने के कारण और इन दिनों रात को तापमान लुढ़कने और दिन को तापमान बढ़ने से पेड़ों में फूल सही तरीके से नहीं आ रहे हैं। हर साल मौसम की मार बागवानों पर पड़ रही है। कभी सूखा तो कभी अंधड़ और ओलावृष्टि से बागवानी संकट में नजर आ रही है। कई साल से मौसम में आए बदलाव के कारण किसान-बागवान परेशानियों से जूझ रहे हैं और आर्थिकी को झटका लग रहा है। निचले क्षेत्रों में प्लम की फसल बागवानों की मुख्य आमदनी है।
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कोट
बागवानी विशेषज्ञ सरस्वती ठाकुर का कहना है कि सर्दियों में पर्याप्त बारिश न होना और फ्लावरिंग के दौर में दिन में तापमान का बढ़ना और रात को तापमान गिरने से समस्या बढ़ी है। ऐसे में फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है।
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