सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। आग की घटनाओं को लेकर ऊपरी हिमाचल काफी संवेदनशील माना जाता है। गांव के साथ लगते जंगल और लकड़ी के मकान हर वर्ष आग की चपेट में आते हैं। हर वर्ष आग लगने से करोड़ों की वन संपदा और घरों को नुकसान पहुंचता है। इसके बावजूद आग की घटनाओं से निपटने के पुख्ता इंतजाम आज दिन तक नहीं हो पाए हैं। उपमंडल रामपुर के ननखड़ी, ज्यूरी और निरमंड उपमंडल में उप अग्निशमन केंद्र खोलने की सरकारी मंचों से घोषणाएं तो जरूर हुईं, लेकिन ये घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। क्षेत्र के लोग आज भी आग की घटनाओं में संपत्तियों को खो रहे हैं।
गौर हो कि ननखड़ी, ज्यूरी और निरमंड के हजारों ग्रामीणों आज भी अग्निशमन केंद्र के खुलने का इंतजार है। ननखड़ी में सब फायर स्टेशन को खोलने की मांग कई वर्षों से चली आ रही है। प्रदेश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार रही हो लोगों की इस ज्वलंत मांग को अनदेखा किया गया है। ननखड़ी में 25 फरवरी 2021 को अड्डू गांव में आग लगने से आधा गांव जलकर राख हो गया था। ग्रामीणों की करोड़ों की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई थी। ननखड़ी तहसील के तहत 18 पंचायतें आती हैं। आग की घटना के वक्त ग्रामीणों को 80 किलोमीटर दूर रामपुर, ठियोग या कुमारसैन से मदद पहुंचाई जाती है, लेकिन जब तक अग्निशमन विभाग का दमकल मौके पर पहुंचता है, तब तक आग में जलकर सब राख हो गया होता है। उपमंडल मुख्यालय निरमंड में आग बुझाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। उपमंडल की 32 पंचायतों में जब कभी भी आग की घटनाएं होती हैं, तो यहां भी अग्निशमन वाहन रामपुर से बुलाने पड़ते हैं। क्षेत्र में कई ऐसी घटनाएं पेश आ चुकी हैं। रामपुर तक सूचना मिलने और अग्निशमन दल के घटनास्थल पर पहुंचने तक सब कुछ राख हो जाता है। क्षेत्र में अधिकतर लकड़ी के मकान हैं, जिसमें यदि आग लग जाए तो आग पर काबू पाना काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं ज्यूरी क्षेत्र, जो उपमंडल रामपुर के 15/20 और उप तहसील सराहन के साथ-साथ किन्नौर जिले के सीमांत क्षेत्रों को जोड़ता है। यहां भी आग की घटना से निपटने के लिए वर्षों से उप अग्निशमन केंद्र खुलने की मांग उठती रही है, लेकिन लोगों की यह ज्वलंत मांग आज भी अधूरी है।
घोषणा नहीं चढ़ी सिरे
बताते चलें कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022 में ज्यूरी और वर्ष 2021 में ननखड़ी में अग्निशमन उप केंद्र खोलने की घोषणा की थी, जो आज दिन तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। वर्तमान सरकार ने हाल ही में फरमान जारी किए हैं कि तहसील स्तर पर अग्निशमन उप केंद्र और उपमंडल स्तर पर अग्निशमन केंद्र खोले जाएंगे, लेकिन ऊपरी हिमाचल के लोगों को आग से निपटने के लिए कब बेहतर व्यवस्था होगी, क्षेत्र के लोग इसके इंतजार में है।
ननखड़ी, ज्यूरी और निरमंड में अग्निशमन केंद्र खोलने के प्रस्ताव सरकार को भेजे गए हैं। इस प्रस्तावों को न तो मंजूरी मिली है और न ही इन्हें निरस्त किया गया है। मामला सरकार के विचाराधीन है।
- संजीव कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिमला