रिकांगपिओ (किन्नौर)। कल्पा के पूर्वणी गांव में दूसरे दिन भी मकान सुलगते रहे। बीते दिन अचानक आग की चपेट में आने से 5 मकानों में से 2 काष्ठकुणी शैली के बने तीन मंजिला लकड़ी के मकान जल गए। इन दो लकड़ी के मकानों में तीन मंजिला दरवाजे को पुराण शनगल से बांधा हुआ था, ताकि निचली मंजिल का दरवाजा खटखटाने पर तीनों मंजिल तक पता लग जाता था। एक मकान में तो अष्टधातु की कुछ मूर्तियां भी इस लकड़ी के मकान में मौजूद थीं। पूर्वणी पंचायत प्रधान शेर सिंह नेगी ने कहा कि इन प्राचीन मकानों की कोई कीमत नहीं लगा सकता है। ये मकान पांडवों के जमाने के काष्ठकुणी शैली में बनाए गए थे। कम से कम 2 करोड़ के लगभग इन मकानों की कीमत हो सकती है। आग बुझाने के लिए 12 अग्निशमन, 12 पुलिस अधिकारी, जवान, मिलिट्री और आईटीबीपी फोर्स शामिल थी। आग शनिवार 12 बजे तक सुलगती रही। शनिवार को शाम 9 बजे वन निगम उपाध्याय सूरत नेगी पूर्वणी गांव पहुंचे और अग्निकांड के पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात की।
वहीं, शनिवार सुबह किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी भी पूर्वणी गांव पहुंचे। उन्होंने अग्निकांड से प्रभावित परिवार से मिलकर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जंगी थोपन जलविद्युत परियोजनाओं के चार अधिकारी भी पीड़ित परिवारों की मदद के लिए गांव पहुंचे।
इस मौके पर परमजीत, हितेश नेगी, सुनीता, चंद्रावती नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।