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जंगलों में आग से सैकड़ों पेड़ चढ़े आग की भेंट

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नित्थर में जंगल में भड़की अाग। - फोटो : RAMPUR-HP
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नित्थर (कुल्लू)। उप तहसील नित्थर के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ शरारती तत्व जंगलों में आग लगा रहे हैं, जिससे करोड़ों की वन संपदा और जंगली जानवरों को तो नुकसान पहुंच ही रहा है, वहीं पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
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पहले मामले में वन विभाग की घाटू बीट के शारवी में कायल के कई पेड़ों को आग से काफी नुकसान पहुंचा है। घाटू बीट के वनरक्षक सतपाल के मुताबिक मंगलवार शाम को जंगल में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसको रात के समय बुझाना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार रात 12 बजे तक आग पर काबू पाया।
शिल्ली पंचायत के प्रधान जोगिंद्र ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य नरेश थापर, उपप्रधान प्रीतम ठाकुर, विदेश कुमार, हेमंत कुमार, धर्मपाल, डोला राम, किशोरी लाल, विक्की, गहरू राम, श्याम चंद, नंदलाल और बृज लाल सहित अन्य ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने में कड़ी मेहनत की। वहीं, दूसरे मामले में शरटी गांव से ऊपर के जंगल में लगी आग की चपेट में चील के कई पेड़ आ गए हैं। नित्थर बीट के वन रक्षक देविंद्र कुमार के साथ ग्रामीण दिवेश ठाकुर, संजय ठाकुर, सतीश ठाकुर और श्याम चंद ठाकुर ने आग पर काबू पाया।
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यह आग आगे बढ़ती तो मुख्य जंगल शीला बंगला तक भी पहुंच सकती थी। वहीं, तीसरी घटना में नित्थर बीट के दुराह खड्ड के साथ लगी आग में देवदार के कई पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। इसी जंगल में पानी का मुख्य स्रोत भी है, जिससे नित्थर क्षेत्र के लिए पानी आता है। इस आग से पेड़ों को नुकसान होने से पानी के स्रोतों के सूखने का भी डर बना हुआ है। जंगल में फैल रही आग से जहां वन संपदा को नुकसान हो रहा है, वहीं वन्य प्राणियों का जीवन भी इससे खतरे में पड़ गया है।
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