ठियोग की ग्राम पंचायत देहंना में किसानों को उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल बारे किया प्रशिक्षित।
सीपीआरआई के वैज्ञानिकों ने देहंना में किया प्रशिक्षित
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग(रामपुर बुशहर)। देश-प्रदेश में संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देहंना पंचायत में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तत्वावधान में शिविर आयोजित किया गया।
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) की ओर से आयोजित शिविर में वैज्ञानिकों की टीम ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए फसल उत्पादकता बढ़ाना रहा। विशेषज्ञों ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यावहारिक समाधान बताए।
आईसीएआर-सीपीआरआई के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने मिट्टी परीक्षण, पोषक तत्वों के संतुलन और रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग पर जोर दिया। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने रासायनिक, जैविक और जैव उर्वरकों की भूमिका समझाते हुए किसानों को कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। डॉ. आलोक कुमार ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर बल देते हुए बताया कि जैविक और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दलामू ने क्षेत्र के लिए उपयुक्त आलू की किस्मों की जानकारी दी, जबकि डॉ. अविनाश राय ने पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर प्रकाश डाला।