मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा प्रभावितों का आंदोलन : देवकी
प्रदर्शन के दूसरे दिन शमाथला पंचायत के किसान बैठे धरने पर
120 परिवारों को न रोजगार, न मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन लूहरी जल विद्युत परियोजना के खिलाफ प्रभावित किसानों का क्रमिक आंदोलन शुरू हो गया है। नीरथ में समस्याओं को लेकर किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को शिमला और कुल्लू जिले के प्रभावितों ने प्रदर्शन किया। अब शनिवार से किसान धरने पर बैठ गए हैं। रोषजदा किसानों ने परियोजना का निर्माण कार्य भी रोक दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। अब पंचायत स्तर पर किसान धरने पर बैठ रहे हैं। शनिवार को शमाथला पंचायत के प्रभावित किसानों ने प्रदर्शन कर आंदोलन को आगे बढ़ाया। कमेटी के महासचिव देवकी नंद और अध्यक्ष कृष्णा राणा ने कहा कि प्रभावित किसान लंबे समय से मांगों को लेकर सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन प्रबंधन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याएं कई बार निगम प्रबंधन के समक्ष रखी गईं और लिखित समझौते भी हुए, लेकिन उनके समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
किसानों का आरोप है कि परियोजना निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और धूल से उनकी फसलों और मकानों को नुकसान हुआ। इसकी अब तक भरपाई नहीं की गई। इसके अलावा परियोजना के लिए भूमि देने वाले 120 परिवारों को रोजगार के बदले एकमुश्त राशि भी नहीं मिली और न ही प्रभावित बेरोजगारों को रोजगार दिया गया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसके लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
शनिवार के धरने पर काकू, सुंदर जिष्टू, ऋषि, नरेश, वीरेंद्र, जोगिंदर, जय चंद, गोपाल, सुनीता, ऊषा, नीलम, अमला देवी, डोला राम सहित अन्य किसान बैठे।