लूहरी प्रोजेक्ट के प्रथम चरण से ब्लास्टिग से उठ रही धूल को लेकर आनी,रामपुर और कोटगढ़ के लोग प्रबं?
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रामपुर बुशहर। एसजेवीएन की लूहरी परियोजना के खिलाफ तीन विधानसभा क्षेत्रों से आए किसान और बागवानों ने मंगलवार को फिर मोर्चा खोल दिया। इस दौरान किसानों-बागवानों ने आधे घंटे तक एनएच-5 पर वाहनों की आवाजाही बंद रखी। प्रदर्शन के दौरान विधायक राकेश सिंघा की अगुवाई में परियोजना निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग से फसलों को हुए नुकसान के एवज में मुआवजा की गुहार लगाई। आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रहने से सैकड़ों लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब सवा ग्यारह बजे किसान और बागवान निरथ विश्रामगृह में एकत्रित हुए। यहां किसानों और बागवानों को संबोधित करते हुए विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि बागवानों की मांगों से परियोजना प्रबंधन और प्रशासन को अवगत करवाया था लेकिन ब्लास्टिंग रोकने के लिए दोनों स्तर पर कोई पहल नहीं की गई है। इसके चलते ग्रामीणों को आंदोलन का रुख अपनाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकतर लोगों की की रोजी-रोटी और आर्थिकी सेब और स्टोन फ्रूट पर निर्भर करती है। ऐसे में बागवानों ने फ्लावरिंग के शुरूआती दौर में एसजेवीएन प्रबंधन से 10 दिन तक ब्लास्टिंग न करने की मांग की थी लेकिन परियोजना प्रबंधन के तानाशाही रवैये के चलते बागवानों को आंदोलन का रास्ता अपना पड़ा और 10 दिन तक क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से आए बागवानों ने काम बंद रखा।
बागवानों ने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण को लेकर की गई ब्लास्टिंग के कारण सेब सहित अन्य स्टोन फ्रूटों को खासा नुकसान पहुंचा है। बागवानों की वर्ष भर की मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर गया है और उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके बाद किसानों और बागवानों ने 1:15 बजे से 1:45 तक एनएच पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। करीब आधे घंटे तक एनएच पर चक्का जाम होने से दोनों वाहनों की कतारें लग गई। इससे सैकड़ों लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा।
इसके बाद पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद किसानों और वाहनों को यहां से हटाया। प्रदर्शन के बाद बागवान बीथल परियोजना के कार्यालय पहुंचे जहां परियोजना के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों और बागवानों ने बातचीत की। जन प्रतिनिधियों और बागवानों ने परियोजना प्रबंधन किसान और बागवानों की फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। सिंघा ने कहा कि बागवानों की ज्वलंत मांगों को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदर्शन में कोटगढ़ उपतहसील की भुट्टी, किरटी, शमाथला, मंगसू, रामपुर की देलठ, बड़ाच, नीरथ, दत्तनगर और निरमंड तहसील की देहरा, गड़ेज और नित्थर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और बागवानों ने भाग लिया।