रामपुर बुशहर। खनेरी अस्पताल में मरीजों को आपातकालीन टेस्ट की सुविधा नहीं मिल रही है। इस वजह से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि दोपहर के बाद लिए जाने वाले टेस्टों की रिपोर्ट एक दिन के बाद मिल रही है। ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल आने वाले मरीजों के उपचार में परेशानियां आ रही है। प्रदेश सरकार ने लोगों की सुविधा को देखते हुए क्रस्ना कंपनी को टेस्ट करवाने का जिम्मा सौंपा है। इसके बाद से ही अस्पतालों में अव्यवस्था का आलम चल रहा है।
रामपुर के खनेरी अस्पताल में प्रदेश के चार जिलों शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी से रोजाना हजारों लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इन क्षेत्रों में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं और अन्य हादसों में घायल लोगों को उपचार के लिए भी यहां पर लाया जाता है लेकिन अस्पताल में आपातकालीन टेस्ट की सुविधा नहीं होने से मरीजों के उपचार में कई तरह की परेशानियां आ रही है।
दिन के समय तो मरीज निजी लैब में टेस्ट करवा लेते हैं लेकिन रात समय किसी घायल के अस्पताल आने पर टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। राहुल सोनी, अंकुर शर्मा, ओम प्रकाश, संजय मेहता, मेहर चंद और जय सिंह ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द अस्पताल में टेस्ट की सुविधा में सुधार की मांग की है।
शिमला और चंडीगढ़ भेजे जा रहे सैंपल
क्रस्ना लैब में मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट की बात करें तो अभी सैंपलों को लांच के लिए शिमला और चंडीगढ़ भेजा जा रहा है। यहां से रिपोर्ट एक या दो दिन के बाद मरीजों को मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक टेस्ट की सुविधा सुचारु रूप से चलाने में करीब एक माह का समय लग सकता है। ऐसे में मरीजों को आने वाले दिनों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
कार्यकारी एमएस डॉ. अजय नेगी ने बताया कि क्रस्ना लैब द्वारा मशीनों का स्थापित किया जा रहा है। मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं लेकिन मरीजों को रिपोर्ट एक या दो दिन के बाद दी जा रही है। क्रस्ना लैब को इमरजेंसी सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।