जगातखाना (रामपुर बुशहर)। कोरोना काल में जहां स्कूलों और कॉलेजों में दाखिलों और ऑनलाइन शिक्षा का दौर शुरू हो गया है, वहीं ऐसे में सरकार के निर्देशों के बावजूद निजी स्कूल प्रबंधकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही। ऐसा ही एक मामला शहर के साथ लगती तुनन पंचायत के जगातखाना में पेश आया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में पंजीकरण किए बिना ही उनके बच्चों से ट्यूशन फीस वसूली जा रही है।
प्रेस को जारी बयान में अभिभावक रंजिता, वीना मेहता, अनिता ठाकुर, नेसू राम विमल, ध्रुव सिंह और निरता देवी सहित अन्य ने कहा कि जगातखाना स्थित देवभूमि मॉडर्न पब्लिक स्कूल में जब वे अपने बच्चों का स्कूल त्याग प्रमाण पत्र लेने गए तो स्कूल प्रबंधन ने अप्रैल से जून तक की फीस अदा करने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान स्कूल प्रबंधन ने उनके बच्चों का पंजीकरण नहीं करवाया और न ही इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं लगाई गईं। अभिभावकों ने दूसरे स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा दिया। इस स्कूल की ऑनलाइन एडमिशन के लिए न तो कोई पोर्टल था और न ही कोई लिंक। छात्रों ने मई में बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में भी अपनी हाजिरी नहीं लगाई है। अब अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए दूसरे स्कूलों में दस्तावेज जमा करवाने हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को स्कूल त्याग प्रमाण पत्र नहीं दे रहा। स्कूल प्रबंधन ट्यूशन फीस जमा करने के बाद ही प्रमाण पत्र देने पर अड़ा हुआ है। अभिभावकों ने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधक कविता ठाकुर ने कहा कि बोर्ड छात्रों की कक्षाएं 15 अप्रैल से शुरू करने की बोर्ड से अधिसूचना प्राप्त हुई थी। 27 अप्रैल से स्कूल के ग्रुप बन गए हैं, जिसमें सभी बच्चों की ऑनलाइन क्लासें लगी हैं और ऑनलाइन होमवर्क किया गया है। अप्रैल से जून तक की ट्यूशन फीस देने के बाद ही स्कूल त्याग प्रमाण पत्र दिया जाएगा।