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Rampur Bushahar News: दशहरा मेले में अव्यवस्था का शिकार न हों देवता और देवलु

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मोहतमीनों ने मेला कमेटी से आवश्यक सुधार की उठाई मांग, राशन उपलब्ध करवाने का किया आह्वान
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झाकड़ू नाग सरघा के साथ 400 और जाहरू नाग खरगा 300 देवलुओं के साथ पहुंचेंगे सराहन
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। सराहन में 20 अक्तूबर से सजने वाले जिला स्तरीय दशहरा मेले में देवता और देवलु अव्यवस्था का शिकार न हों, इसके लिए मेला कमेटी से उचित बंदोबस्त की मांग उठाई गई है। मेले के आयोजन को लेकर बुधवार को हुई बैठक में मंदिर समितियों के प्रतिनिधियों ने मेले के दौरान पेश आने वाली समस्याओं को उजागर किया और आवश्यक सुधार की मांग की। उन्होंने मेले में आने वाले देवी-देवताओं को ठहरने के लिए उचित स्थान, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग रखी। साथ ही मेला कमेटी से देवी-देवताओं के साथ आए देवलुओं के लिए राशन उपलब्ध करवाने को कहा। हालांकि, मेला कमेटी की ओर से अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बैठक में मंदिर समितियों ने मेला कमेटी को कई सुझाव दिए। देवता साहिब झाकड़ू नाग धारा सरघा, देवता जाहरू नाग खरगा, देवता चुंगुवीर कमलाहु, देवता लांकड़ावीर कल्पा, देवता गानवी, देवता थंबावीर रूपी मंदिर कमेटी के मोहतमीनों ने बताया कि बीते वर्षों में जहां उन्हें ठहराया गया, वहां न बिजली की उचित व्यवस्था थी और न शौचालय की, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। देवता झाकड़ू नाग के मोहतमीन ने कहा कि देवता के साथ सैकड़ों में देवलु और ग्रामीण पहुंचते हैं, ऐसे में उन्हें मेला सजाने के लिए उचित स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों से देवता दशहरा मेले में पहुंचते हैं और मेला कमेटी की ओर से जो नजराना राशि दी जाती है, उससे अधिक उनका खर्च हो जाता है। इसे देखते हुए देवताओं की नजराना राशि में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इसके अलावा मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, होमगार्ड, आईटीबीपी और एसएसबी जवानों की तैनाती की भी मांग उठी।


इस वर्ष देवता के साथ 400 देवलु लेंगे भाग
देवता झाकड़ू नाग धारा सरघा के मोहतमीन ने बताया कि इस वर्ष देवता के साथ करीब 400 देवलु भाग लेंगे। इसके अलावा देवता जाहरू नाग खरगा के साथ सबसे अधिक 300 देवलु मेले में भाग लेने पहुंचेंगे। इसके अलावा अन्य देवताओं के साथ 100 से 150 देवलुओं के पहुंचने की संभावना है।
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राशन देने की कोई व्यवस्था नहीं
मेला कमेटी ने देव समितियों को हिदायत दी है कि मेले की परंपरा बनी रहे, इसके लिए सभी नियमों की पालना सुनिश्चित करें। जहां स्थान दिया जाए, वहीं ठहराव करें। मेला कमेटी ने साफ किया है कि मेले में आने वाले देवताओं को राशन देने की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि कोई व्यवस्था होती है, तो इस संबंध में देव समितियों को सूचित कर लिया जाएगा। मेले के पहले दिन सभी देवताओं को भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
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ये देवता करेंगे दशहरा पर्व में शिरकत
दशहरा पर्व में जिला शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिले के 19 देवता भाग लेंगे। ये देवता चार दिन तक पारंपरिक एवं देव परंपरा का निर्वहन कर मेला सजाएंगे। इस वर्ष देवता साहिब दत्त महाराज बसाहरा, देवता महारुद्र गसो, देवता महारुद्र क्याओ, देवता जाख रचोली, देवता नारायण किन्नू, देवता लक्ष्मी नारायण मझगांव, देवता नाग बौंडा, देवता निनसू धराली, देवता नाग कुन्नी सराहन, देवता राई नाग करतोट, देवता डाबर कुंडू, देवता लांकड़ावीर कल्पा, किन्नौर, देवता तलारा, देवता थंबावीर रूपी, देवता चुंगुवीर कमलाहु, देवता गानवी, देवता बाड़ी डमैहड़ी, देवता झाकड़ू नाग धारा सरघा, देवता साहिब डंसा, देवता जाहरू नाग खरगा और देवता साहिब पंचवीर कमडाली मेले की शोभा बढ़ाएंगे।
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