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प्रदेश में बिजली बोर्ड बना है प्रयोगशाला : हीरा लाल

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बिजली बोर्ड़ कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने मंगलवार को रामपुर में ज
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रामपुर में जिला बिजली पंचायत, ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने सरकार की नीतियों पर जताया रोष
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कहा- बिजली बोर्ड के अस्तित्व पर लगा बड़ा प्रशनचिह्न
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बिजली बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने मंगलवार को रामपुर में जिला बिजली पंचायत का आयोजन किया। इसमें जिला किन्नौर और रामपुर जोन से सैकड़ों बिजली कर्मचारियों, अभियंता और पेंशनरों ने भाग लिया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि आज बिजली बोर्ड एक प्रयोगशाला बनकर रह गया है। इस कारण बोर्ड में दशकों से अव्यवस्था का माहौल है। परिणामस्वरूप हिमाचल बिजली बोर्ड की रैंकिंग राष्ट्रीय स्तर पर नीचे आई है। बोर्ड बड़े कठिन दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां बिजली बोर्ड में वित्तीय संकट चरम सीमा पर है, वहीं कर्मचारियों के अभाव से प्रदेश के उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में आज बिजली बोर्ड के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है। इसका सीधा असर पचास हजार कर्मचारियों, इंजीनियर और पेंशनरों के परिवारों के साथ प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बिजली बोर्ड में करीब 9,000 खाली पदों को भरने के बजाय युक्तिकरण के नाम पदों को समाप्त कर कर्मचारियों को सरप्लस कर दूसरे महकमों में भेजा जा रहा है। सरकार के महकमों से बिजली के बिलों का 260 करोड़ रुपये और प्रदेश सरकार से 125 यूनिट तक की बिजली सब्सिडी का लगभग 710 करोड़ रुपये प्राप्त न होने से बोर्ड की वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है। इस दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने मुख्य अभियंता विमल नेगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर शोक प्रकट किया और प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग उठाई। इसके अलावा बिजली बोर्ड में युक्तिकरण और पदों में कटौती पर रोक लगाने और हाल ही में समाप्त किए गए 51 पदों को बहाल करने की मांग रखी।
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रैली निकाली और सीएम को भेजा ज्ञापन
पंचायत के बाद कमेटी के सदस्यों ने रैली निकाली और एसडीएम निशांत तोमर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक ने कहा कि सरकार और प्रबंधन वर्ग को जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे आना चाहिए। बिजली बोर्ड कर्मचारियों, अभियंता और पेंशनरों के मुद्दों पर तुरंत बातचीत करनी चाहिए, जिससे गतिरोध को तोड़ा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन इन मुद्दों पर वार्ता और समाधान नहीं करता है, तो जेएसी एक बड़ी कार्रवाई करने को मजबूर होगी। इसके लिए प्रबंधन को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। प्रदेश सरकार की ओर से कोई पहल न होने पर अगली जिला बिजली पंचायत सिरमौर में 3 जून को होनी निश्चित की गई है। इस इस अवसर पर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक हीरा, अतिरिक्त कुलदीप सिंह खरवाड़ा, ईडीएस ढटवालिया, कामेश्वर शर्मा, मुकेश राठी, सुंदर जिस्टटू, झाबा राम शर्मा, प्रशांत शर्मा ज्योति नेगी, गोपाल ठाकुर और विनोद भैक उपस्थित रहे।

बिजली बोर्ड़ कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने मंगलवार को रामपुर में ज

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