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Rampur Bushahar News: मूरंग कैंची से ठंगी-लंबर तक खस्ताहाल सड़क

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12 किलोमीटर मार्ग पर जानलेवा बना सफर
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सेना के जवानों, पर्यटकों, बागवानों को झेलनी पड़ रही परेशानियां

ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से सड़क की हालत सुधारने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी

सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की अति महत्वपूर्ण सड़क मूरंग-ठंगी-लंबर की हालत बेहद खराब है। करीब 20 वर्षों से 12 किलोमीटर सड़क की हालत नहीं सुधर रही है। ऐसे में हजारों ग्रामीणों, सेना के जवानों और किसान-बागवानों को आवाजाही करने में परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। गौर हो कि पूह खंड के तहत भारत तिब्बत सीमा के साथ लगती ठंगी और कुन्नौचारंग पंचायत के हजारों लोग इस सड़क से लाभान्वित होते हैं। करीब 20 वर्षों से मूरंग कैंची से ठंगी-लंबर तक टारिंग और मेटलिंग नहीं हो पाई है। सड़क की हालत खराब होने से सेना के जवानों, ग्रामीणों, पर्यटकों और मरीजों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान-बागवानों को नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। वहीं, मरीजों को भी हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों में तबदील सड़क पर सफर जानलेवा बना हुआ है।
प्रधान ठंगी पंचायत रूपा नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग सड़क की खराब हालत पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह सड़क सामरिक दृष्टि से भी अति महत्वपूृर्ण है। 20 वर्षों से सड़क पर मेटलिंग और टारिंग कार्य नहीं हो पाया है। इस कारण दो पंचायतों, आईटीबीपी और सेना के जवानों सहित हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला मंडल ठंगी अध्यक्षा बद्वामणी देवी, कुमपिंग राक्षो लंबर महिला मंडल सचिव अनिता नेगी, वार्ड सदस्य सरिता नेगी और डोलमा देवी नेगी ने सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से इस वर्किंग सीजन में मेटलिंग और टारिंग करने की मांग उठाई है, ताकि किसान-बागवानों को अपनी नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हो।
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बजट मिलते शुरू होगा कार्य
एनुअल मेंटीनेस प्लान के तहत बीते वर्ष टारिंग ओर मेटलिंग कार्य होना था। अक्तूबर में कार्य शुरू किया जाना था, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने ठंड में कार्य करवाने से मना कर दिया और इसका पैसा लैप्स हो गया। उच्चाधिकारियों से फिर पत्राचार किया गया है। बजट मिलते ही मेटलिंग और टारिंग कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-नितेश ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग मूरंग
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