deadbody not recovered from buran pass due to heavy snowfall
सांगला (किन्नौर)। 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बुरन पास में बर्फ के बीच दबे तीन ट्रैकर के शवों को मंगलवार को भी रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। खराब मौसम और माइनस डिग्री तापमान में रेस्क्यू टीम के लिए यह काम किसी चुनौती से कम नहीं है। बुरन पास में करीब पांच फीट तक ताजा बर्फबारी के कारण इस काम में मुश्किलें आ रही है। मंगलवार को रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हो पाया। इसके बाद रेस्क्यू दल के 28 लोग वापस बेस कैंप पहुंच गए हैं। बुधवार से नई टीम तीनों शवों को निकालने के लिए बुरन पास रवाना होगी।
गौर हो कि शिमला जिले के रोहडू़-जांगलिक से किन्नौर जिले की सांगला वैली के लिए निकले 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल में तीन लोगों की मौत हो गई थी। जबकि अन्य लोगों को रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित निकाल लिया है। क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने के कारण शवों को निकालने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुरन पास में भारी बर्फबारी के कारण मंगलवार को रेस्क्यू दल चोटी तक नहीं जा पाया और यह 28 लोगों का यह रेस्क्यू दल बेस कैंप लौट आया है। सोमवार को भी बर्फीली हवाओं और बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा था।
खराब मौसम से नहीं उड़ पाए हेलीकॉप्टर, दो ट्रैकर अभी भी लापता
एसपी किन्नौर अशोक रत्न ने बताया कि बुरन पास में पांच फीट ताजा बर्फबारी हुई है। इस कारण मंगलवार को रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा। वहीं उत्तरकाशी के हर्षिल से किन्नौर जिले के छितकुल के लम्खागा पास की ट्रैकिंग पर निकले दो ट्रैकर अभी भी लापता हैं। मौसम खराब होने के कारण कारण सेना के हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाए। बुधवार मौसम साफ रहा तो फिर से लापता ट्रैकर की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।