जाई जोंतियाें को देवताओं ने दी विदाई, देवता बेरिंग नाग ने एक दिन बढ़ाया पर्व
मेले में चार दिन तक लोक कलाकारों ने बांधा समां, किन्नौरी नाटियाें पर दीं प्रस्तुतियां
मेले में आए लोगों ने सुख समृद्धि का लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। सांगला क्षेत्र के आराध्य देवता श्री बेरिंग नाग के सानिध्य में आयोजित अठारो पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शनिवार को पर्व में भाग लेने पहुंची गांव की जाई जोंतियों और भांजों को देवता बेरिंग नाग ने विदाई दी। हालांकि विदाई की केवल रस्में ही पूरी की गई हैं, जबकि देवता के निर्देशानुसार मेला अब एक जून तक चलेगा। रविवार को मेले का विधिवत समापन होगा। अठारो पर्व के चौथे दिन ग्रामीणों और देवलूओं ने नाटी डाली।
गौर हो कि सांगला वैली के ईष्ट देवता श्री बेरिंग नाग छह माह की तपस्या के बाद मंदिर से बाहर निकले हैं, जिसके बाद इस पारंपरिक जपो पर्व अठारो का आयोजन किया गया। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की अवधि देवता के आदेशानुसार बढ़ा दी गई है। पर्व के चौथे दिन देवता के मंदिर परिसर में दिनभर वाद्य यंत्रों की धुनों पर ग्रामीण खूब झूमे। वहीं सांगला क्षेत्र से बाहर बयाही बहनों और भांजों ने भी धार्मिक अनुष्ठान में शरीक होकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी का दौर चलाया। हजारों लोगों ने पर्व का लुत्फ उठाया। लोगों ने देवता साहिब के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। शनिवार सुबह दस से शाम पांच बजे तक पर्व में आई जाई, जोंतियों और भांजाें को विदाई दी गई। देवता ने सभी को भेंट स्वरूप कांसे की थालियां, स्मृतिचिह्न और खाताक आशीर्वाद के रूप में दीं। पर्व की चौथी संध्या में स्थानीय लोकगीतों पर ग्रामीण खूब झूमे। चार दिन में आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमाेंं में लोकगायक केदार नेगी, श्यामू नेगी, सोहन सिंह नेगी, सुमन गीता नेगी, देव किरन नेगी सहित स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।
देवता श्री बेरिंग नाग के माथस वीरभद्र सिंह नेगी ने बताया कि देव आदेशों के अनुसार अठारो पर्व को रविवार तक बढ़ाया गया है। शनिवार को पर्व में विशेष रूप से पहुंचे जाई जोंतियों और भांजों को रस्म अदायगी के तहत देवता द्वारा भेंट दी गईं। अब रविवार को मेले का विधिवत समापन होगा।