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बारिश-बर्फबारी से फसलों को मिली संजीवनी

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किन्नौर जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल छितकुल में पड़ी ताजा बर्फबारी। - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर में लंबे अरसे से पड़ा सूखा बीते दो दिनों से हो रही हल्की बर्फबारी और बारिश से समाप्त हो गया है। मौसम का रुख बदलने से जिले के बागवानों और किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
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लंबे समय से बर्फबारी न होने से बागवान और किसान चिंतित थे। बारिश और बर्फबारी होने से अब किसान बागवानों को बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद जगी है। गौरतलब है बीते काफी समय से बारिश और बर्फबारी न होने से किसान बागवानों को नकदी फसलों के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने का खतरा मंडरा रहा था। बीते दिनों मौसम में परिवर्तन के बाद बर्फबारी और बारिश के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है। किसान-बागवानों का कहना है कि सर्दियों के आरंभिक दिनों में बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए लाभप्रद मानी जाती है।
इससे भूमि में बराबर नमी बनी रहती है और नकदी फसलों के लिए यह बेहद लाभदायक होती है। सेब की बेहतर फसल के लिए चिलिंग आवर भी इससे पूरे होते हैं। इन दिनों हो रही बर्फबारी और बारिश जिले में उगने वाले सेब, कालाजीरा, राजमा, मटर, आलू, ओगला, फाफरा, मक्की सहित कई अन्य नकदी फसलों के लिए बेहद लाभदायक मानी जाती है।
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बागवान भुवनेश्वर नेगी, दीपक नेगी, राजकुमार नेगी, राकेश नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, लायक सिंह नेगी, सुरजीत नेगी, प्रमोद नेगी, विजय नेगी, हिम सिंह नेगी, अजय नेगी, धीरज नेगी, राजकमल नेगी सहित अन्य बागवानों ने कहा कि लंबे अरसे से जिले में सूखा पड़ा था। अब बारिश और बर्फबारी नकदी फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है।
जिला उद्यान विभाग किन्नौर के उप निदेशक चंद्र मोहन बाली ने कहा कि इन दिनों जिले में हो रही बर्फबारी और बारिश किसान बागवानों के लिए काफी फायदेमंद है। सर्दियों की शुरूआत होने वाली बारिश और बर्फबारी से जमीन में नमी बनी रहती है और बेहतर फसल उत्पादन होता है।
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