दो भाइयों के दसवीं और बारहवीं के प्रमाण पत्र पर मोहम्मद की आधी स्पेलिंग लिखकर लगाया था डॉट
छात्रों को ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने में कठिनाई का करना पड़ रहा सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सिविल जज चौपाल की अदालत ने शिक्षा बोर्ड को दो छात्रों के प्रमाण पत्र में मोहम्मद की पूरी स्पेलिंग लिखने के आदेश दिए हैं। चौपाल के दो भाइयों ने मोहम्मद की पूरी स्पेलिंग लिखने के निर्देश जारी करने के लिए याचिका दायर की थी।
चौपाल क्षेत्र के मुश्ताक मोहम्मद के दो बेटों की ओर दायर याचिका में बताया गया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड से दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं पास की। बोर्ड ने उनके प्रमाण पत्र में पिता के साथ मोहम्मद की पूरी स्पेलिंग नहीं लिखी। मोहम्मद काे अंग्रेजी में Mohd. की तरह से लिखा। इस त्रुटि के कारण उन्हें किसी भी प्रकार ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कंप्यूटरीकृत सत्यापन प्रणाली डॉट वाली प्रविष्टियों को अस्वीकार कर देती है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों से सुधार के लिए बार-बार मौखिक अनुरोध किया गया, लेकिन कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने बोर्ड को नोटिस जारी किया, लेकिन कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद एकतरफा कार्रवाई की गई। अदालत ने फैसले में बताया है कि बिना किसी विवाद के मौखिक और दस्तावेजी सबूतों से यह साफ है कि वादी का असली और सही नाम मोहम्मद है। मोहम्मद के बाद कोई डॉट नहीं है। हालांकि, बोर्ड ने प्रमाण पत्र में मोहम्मद के बाद एक डॉट शामिल है। इस छोटी सी टाइपिंग की गलती के कारण वादी को व्यावहारिक परेशानी हुई है, क्योंकि ऑनलाइन फार्म और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम ऐसी एंट्री को रिजेक्ट कर देते हैं, जिससे उसे विभिन्न परीक्षाओं और सेवाओं के लिए आवेदन करने में दिक्कत होती है। बोर्ड को रिकॉर्ड में जरूरी सुधार करने और सही नामों के साथ नए प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया जाता है।