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Rampur Bushahar News: सैकड़ों साल के बाद शांत के अंतिम दिन देवता धौंलू और देवता गुडारू का मिलन

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दोनों देवताओं की मंदिर कमेटी की पहल बाद सुलझा दो खूंदों का विवाद, चारों ओर गूंजे जयकारे
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। झड़ग गांव के शांत अनुष्ठान में देवता गुडारू छुपाड़ी और देवता धौंलू तंदाली के खूदों के बीच सैकड़ों साल पुराना विवाद सुलझ गया है। दोनों देवताओं की कमेटी के बीच हुई पहल के बाद शांत अनुष्ठान के अंतिम दिन दोनों देवताओं का मिलन हुआ। इस मिलने के दौरान माहौल जोश भरा रहा। चारों ओर से देवताओं के जयकारे गूंजे।
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सैकड़ों साल पहले शांत अनुष्ठान के दौरान दोनों खूंदों के बीच किसी बात को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। उसके बाद इन दोनों देवताओं के बीच कभी मेलजोल नहीं हुआ। दोनों देवता एक-दूसरे के इलाके में जरूर जाते थे, लेकिन आपस में देवताओं की दूरी बनी रहती थी। शांत अनुष्ठान के दौरान देवता धौंलू के मोतमीन कृष्ण लाल और देवता गुडारू के मोतमीन ईश्वर सिंह ठाकुर ने दोनों कमेटियों के बीच सौहार्द बनाने के लिए कई बैठकें कीं। बैठक के पहले दौर में ही लोगोंं की सहमति बन गई थी। शिखा फेर पूजन के बाद शुक्रवार को दोनों देवताओं से सहमति की अनुमति ली गई। दोनों देवताओं ने लोगों की इस खुशी में शरीक होने के लिए हामी भरी। उसके बाद तय किया गया कि शनिवार को शांत से विदाई के समय दोनों देवताओं का झड़ग गांव में मिलन होगा। उसके बाद देवता धौंलू की ओर से देवता गुड़ारू छुपाड़ी को मेहमानी का न्योता दिया गया। देवता की ओर से धौंलू के निमंत्रण को हर्ष के साथ स्वीकार किया गया। अब झड़ग गांव से शांत संपन्न होने के बाद दोनों देवताओं की पालकी तंदाली गांव देवता धौंलू के मंदिर पंहुच गई है। लोगों ने इस पहल पर खुशी व्यक्त की। धौंलू देवता के खूंदों की ओर से तंदाली गांव में छुपाड़ी के खूंदों के लिए धाम का आयोजन किया गया है।
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