परिवहन लागत में हुई बढ़ोतरी के चलते 20 प्रतिशत बढ़ सकता है मालभाड़ा
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सेब सीजन में सडक़ों की बहाली और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश सेब सीजन की तैयारियों को लेकर रामपुर में हुई समन्वय बैठक एक सप्ताह के भीतर होगी दूसरी बैठक, बागवानों और ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं बारे होगी चर्चा संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। रामपुर और ननखड़ी विकास खंड के सेब बहुल क्षेत्र में इस महीने के अंत तक सेब सीजन शुरू होगा। सीजन के दौरान बागवानों, ट्रांसपोर्ट और सीजन से जुड़े विभिन्न लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए रामपुर के मिनी सचिवालय में शुक्रवार को पहली समन्वय बैठक हुई। बैठक में बागवानी विभाग ने बताया कि इस वर्ष रामपुर और ननखड़ी में कुल 17.50 लाख सेब पेटियों के उत्पादन की उम्मीद है। डीजल के दाम और परिवहन लागत बढ़ने के चलते इस वर्ष मालभाड़े में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, उपायुक्त शिमला की ओर से अंतिम भाड़ा निर्धारित किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने की। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि डीजल एवं परिवहन लागत में वृद्धि को देखते हुए सेब के मालभाड़े में गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव उपायुक्त शिमला को भेजा जाएगा। अंतिम मालभाड़ा दरों का निर्धारण उपायुक्त की ओर से किया जाएगा। बैठक में सेब सीजन के दौरान बागवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और फसल के सुचारू परिवहन एवं विपणन को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सेब उत्पादन के संशोधित अनुमान, परिवहन के लिए ट्रकों और पिकअप वाहनों की उपलब्धता, मालभाड़ा दरों का निर्धारण, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, उपमंडलीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सीजन के लिए सेब पेटियों और कार्टन की उपलब्धता, संपर्क सड़कों के रखरखाव और मरम्मत पर चर्चा की गई। इसके अलावा आढ़तियों के लाइसेंस एवं सत्यापन, ग्रेडिंग-पैकिंग इकाइयों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त वोल्टेज और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर तहसीलदार रामपुर योगेश कुमार, तहसीलदार ननखड़ी अनिल शर्मा, नायब तहसीलदार सुरेश नेगी, बागवानी, लोक निर्माण, पुलिस, परिवहन, एपीएमसी, एचपीएमसी, विद्युत बोर्ड, जल शक्ति विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बागवान मौजूद रहे।
संवेदनशील सड़कों की सूची तैयार करने के निर्देश
बैठक में एचपीएमसी के एमआईएस के अंतर्गत सेब संग्रह केंद्रों की व्यवस्था, अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों की पहचान, क्रेट एवं स्पैन की उपलब्धता, खच्चर संचालकों की सूची, सड़क के किनारे लगने वाली अस्थायी मंडियों की पहचान और निगरानी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संवेदनशील सड़कों की सूची तैयार कर आवश्यक मशीनरी की तैनाती को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बागवानी विभाग ने बताया कि रामपुर विकास खंड में करीब 11.50 लाख और ननखड़ी विकास खंड में करीब 7 लाख सेब पेटियों का उत्पादन होने की संभावना है।
दूरभाष नंबर किए जाएं सार्वजनिक
एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बागवानी विभाग को निर्देश दिए कि सेब सीजन के दौरान नियंत्रण कक्ष स्थापित कर संबंधित अधिकारियों के दूरभाष नंबर सार्वजनिक किए जाएं, ताकि बागवानों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 20 जुलाई के बाद ओवरलोडिंग वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।