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पांगी में बीते दो माह से मटमैला पानी पीने को मजबूर हजारों ग्रामीण

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पांगी गांव में मटमैला पानी पीने पर मजबूर स्थानीय लोग - फोटो : RAMPUR-HP
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के कल्पा खंड की पांगी पंचायत में हजारों लोग बीते दो महीने से मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इसकी वजह यह है कि जलशक्ति विभाग क्षेत्र को बिना फिल्टर बेड के सीधे पानी की आपूर्ति मुहैया करवा रहा है। ऐसे में लोगों को मजबूरन मटमैला पानी पीने को मजबूरन होना पड़ रहा है। ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। वहीं दूषि पानी की आपूर्ति होने से क्षेत्र में जलजनित रोगों के पनपने का खतरा भी बना हुआ है।
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जानकारी के अनुसार जिले के पांगी गांव को जलशक्ति विभाग काशंग कंडे स्रोत से 40 वर्षों से पानी की आपूर्ति कर रहा है। मगर आज तक यहां पानी को साफ करने के लिए फिल्टर बेड का निर्माण नहीं किया है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग ने नाजालो स्रोत में पांच वर्ष पूर्व फिल्टर बेड का निर्माण किया है। मगर फिल्टर बेड की उचित साफ सफाई नहीं होने से लोगों को मटमैला पानी पीना पड़ रहा है।
लोगों ने कहा कि जलशक्ति विभाग पेयजल स्रोतों की नियमित रूप से सफाई नहीं करता है। कई जगह पर विभाग के पाइप भी टूट चुके हैं। मगर इन्हें आज तक दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष किरण पांगटु, जिला महासचिव नमदक चारस, सचिव रिशव नेगी, सुधांशु नेगी और सुमेश पोटयान सहित कई अन्य लोगों ने कहा कि जलशक्ति विभाग की लापरवाही के चलते जिले के लोगों को मटमैला पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग की हालत इतनी खराब है कि कई पेयजल लाइनें जगह-जगह टूटी हुई हैं।
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वहीं कई जगहों पर फिल्टर बेड तक नहीं हैं। जिन पेयजल स्रोतों में फिल्टर बेड स्थापित किए गए हैं, वहां पर सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने विभाग से जल्द समस्या के समाधान की मांग उठाई है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो लोगों को मजबूरन विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
जलशक्ति विभाग रिकांगपिओ किन्नौर के एक्सईएन सुमीत सूद ने कहा कि समस्या को लेकर उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं है। अगर वास्तव में पांगी गांव में ऐसी समस्या है तो जल्द ही ग्रामीणों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके लिए एसडीओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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