स्टाफ की भी भारी कमी, स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित
रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी उठा था मुद्दा, धरातल पर नहीं हुआ सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल की करीब 50 पंचायतों की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला सिविल अस्पताल इन दिनों स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों समेत दूसरे स्वास्थ्य कर्मचारियों के कई पद लंबे समय से खाली हैं। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।
अस्पताल में चिकित्सकों के 22 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 11 पद रिक्त हैं। इसके चलते नेत्र रोग, मेडिसिन, रेडियोलॉजी, त्वचा रोग और शिशु रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। ये पद कई महीनों से रिक्त हैं। अब तक इन्हें भरने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि रोगी कल्याण समिति की बैठक में विधायक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में इन समस्याओं को उठाया गया था, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है।
अस्पताल में स्टाफ नर्स के 10 स्वीकृत पदों में से पांच पद खाली हैं। इससे नर्सिंग स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। चीफ फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त है। फार्मासिस्ट के तीन पदों में से दो खाली होने के कारण दवाइयों के वितरण और प्रबंधन में भी दिक्कतें आ रही हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 12 पदों में से आठ पद खाली हैं। इससे अस्पताल के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मिडवाइफ के तीनों पद भी रिक्त हैं। अस्पताल में भोजन व्यवस्था के लिए कुक के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन दोनों ही खाली हैं। फिलहाल भर्ती मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था आउटसोर्स किए गए रसोइये के माध्यम से की जा रही है।
इसके अलावा चालक के दो पद स्वीकृत हैं। दोनों ही खाली पड़े हैं। वर्तमान में एंबुलेंस सेवा एक आउटसोर्स चालक के सहारे संचालित हो रही है। बड़ी संख्या में पद खाली होने के कारण अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।
स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके।
कई क्षेत्रों के मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
सिविल अस्पताल की सुविधाएं मजबूत होने से ठियोग सहित रामपुर, रोहड़ू और सिरमौर जिले के लोगों को भी लाभ मिल सकता है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 400 से अधिक लोग जांच के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें शिमला या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में करीब ढाई साल से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। ऑटो एनालाइजर मशीन भी खराब होने के कारण उपयोग में नहीं आ पा रही है। अस्पताल प्रभारी डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है और जल्द पद भरने की मांग की गई है।
श्रेणी
स्वीकृत पद
रिक्त पद
कार्यरत
चिकित्सक (डॉक्टर)
22
11
11
स्टाफ नर्स
10
5
5
चीफ फार्मासिस्ट
1
1
0
फार्मासिस्ट
3
2
1
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
12
8
4
मिडवाइफ
3
3
0
कुक
2
2
0
चालक (ड्राइवर)
2
2
0