रामपुर में एनएच पांच पर रैली निकाल कर जताया रोष, जमकर की नारेबाजी
विभिन्न संगठनों ने दत्तनगर और झाकड़ी में भी किए प्रदर्शन
केंद्र सरकार ने 10 वर्षों में उठाए जन विरोधी कदम : यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मजूदर, कर्मचारी और आम जनता विरोधी नीतियां लागू करने के विरोध में सीटू के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। वीरवार को सीटू ने चार लेबर कोड को लागू करने के विरोध में रामपुर में एनएच पांच पर चौधरी अड्डे से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रोष रैली निकाली। यहां सैकड़ों कामगारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा झाकड़ी और दत्तनगर में भी विरोध प्रदर्शन किए गए। मजदूर नेताओं ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके और गारंटी की दुहाई देकर सत्ता में आई केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में कई मजदूर, कर्मचारी, किसान और आम जनता विरोधी कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते देश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और खाद्य असुरक्षा पैदा हुई है।
सीटू जिला शिमला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने कहा कि देश में अमीर और गरीबों के बीच खाई तेजी से बढ़ी है। गरीबों के संसाधनों को छीन कर अमीरों के हवाले किया जा रहा है। बीते 10 सालों में मोदी सरकार ने पूंजीपतियों का 17 लाख करोड़ रुपये का कर्जा माफ किया और किसानों का कुल कर्जा जो 18 लाख करोड़ है, उसका एक रुपया भी माफ नहीं किया। मजदूर नेताओं ने कहा कि अच्छे दिन लाने, महंगाई पर रोक लगाने, सबके खाते में 15 लाख रुपये डालने, प्रतिवर्ष 2 करोड़ रोजगार देने, 40 रुपये लीटर लीटर पेट्रोल देने, काला धन वापस लाने, 100 स्मार्ट सिटी बनाने, किसानों की आय दोगुनी करने और आम जनता के टैक्स में कटौती कर आदि के मोदी सरकार के हवा हवाई वादों की पोल सबके सामने खुल चुकी है। वहीं, मोदी-3 सरकार का घोषित 100 दिन का 4 लेबर कोड को लागू करने का एजेंडा पूर्णत: मजदूर विरोधी है। मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा।सचिव अमित, नीलदत्त, उपाध्यक्ष रणजीत, गुरदास, कामराज, आनंद मेहता, संजीव, राजपाल भंडारी, दिनेश मेहता, मंजीत, लोकेंद्र, देवेंद्र, फूलवती, मंजू, मीना, ममता, दिनेश, पिंगला गुप्ता और शांता सहित विभिन्न संगठनों के अन्य पदाधिकारियों ने प्रदर्शन को संबोधित किया।