दशकों से खस्ताहाल सड़क से जूझ रहे ग्रामीणों को मिलेगी राहत
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चायल के दुग्ध उत्पादकों और सेब बागवानों को उत्पाद मंडी तक पहुंचाने में होगी आसानी
पीएमजीएसवाई चरण-4 के तहत होगा सड़क का सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
विकास खंड निरमंड की अति दुर्गम पंचायत चायल के ग्रामीण एक दशक से भी अधिक समय से खस्ताहाल सड़क से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही सड़क को दुरुस्त करने की मांग अब जल्द पूरी होगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-4 के तहत करीब 4.11 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गम क्षेत्र की ठारला-सगोफा सड़क का जल्द कायाकल्प होगा। चायल पंचायत को जोड़ने वाली ठारला से सगोफा तक करीब साढ़े 3 किलोमीटर लंबी सड़क की हालत एक दशक से भी अधिक समय से दयनीय है। कठिन भोगौलिक परिस्थितियों में बनी इस सड़क पर बरसात के दौरान भूस्खलन का खतरा पैदा हो जाता है और अक्सर सड़क बंद हो जाती है। क्षेत्र के ग्रामीण, किसान-बागवान, दुग्ध उत्पादक और स्कूली बच्चे इस सड़क पर खतरों के साये में सफर कर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। कई जगह पहाड़ी से भूस्खलन और दलदल की समस्या बनी हुई है। इस सड़क पर सफर के दौरान वाहन भी कई बार खराब हो चुके हैं। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी दूध और सेब उत्पादन पर निर्भर है। अक्सर सड़क बाधित होने से जहां दुग्ध उत्पादकों को दूध पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, वहीं सेब सीजन के दौरान बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी तक पहुंचाना चुनौतियों भरा बन जाता है। चायल पंचायत के जरोट, बडारी, बसवारी और सगोफा के ग्रामीण वर्षों से इस सड़क की हालत सुधारने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन बजट के अभाव में लंबे समय से सड़क की हालत नहीं सुधर पाई। अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क का सुधार होगा। योजना के तहत सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा दीवार, मेटलिंग, टारिंग, निकासी नालियों का निर्माण किया जाएगा।
पीएमजीएसवाई चरण- 4 के तहत ठारला-सगोफा सड़क का सुधारीकरण किया जाएगा। विभाग टेंडर प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा हुआ है। जल्द ही कार्य शुरू कर सड़क की हालत सुधारी जाएगी। मनोज भारद्वाज, अधिशासी अभियंता, लोक निरमंड विभाग निरमंड