रोहडू़। भाजपा सरकार के लिए जुब्बल कोटखाई का उपचुनाव वर्चस्व की लड़ाई बन गया है। नामांकन के बाद तीन दिन का समय निकल गया, लेकिन अभी तक पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ कार्यकर्ता और जुब्बल कोटखाई मंडल के पदाधिकारी भाजपा के घोषित उम्मीदवार के मंच से दूरी बनाए हुए हैं। भाजपा के चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी दो दिन से पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए अपने सारे दांव पेच लड़ा रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से जुब्बल कोटखाई के हर कस्बे में चुनाव के लिए कार्यालय खोल दिए गए हैं। हर कार्यालय की जिम्मवारी भी अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों को सौंप दी गई है। भाजपा ने रविवार को कोटखाई में कार्यालय शुरू किया है। जुब्बल तहसील के अधिकांश कस्बों में तीसरे दिन भी पार्टी के कार्यालय नहीं खुले हैं। कोटखाई के पार्टी कार्यालय खोलने के बाद भाजपा ने उप चुनाव की जिम्मेवारी जिन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है उनके लिए अब प्रचार को गांव-गांव तक पहुंचाना और तेज करना चुनौती बनता जा रहा है। कांग्रेस के प्रत्याशी रोहित ठाकुर और भाजपा से टिकट न मिलने पर आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे चेतन बरागटा दिनरात मतदाताओं को लुभाने के प्रयास में दल बल के साथ जुट चुके हैं। निर्दलीय उम्मीदवार सुमन कदम भी अपने समर्थकों के साथ लोगों को जोड़ने के प्रयास में जुट गई हैं। राजनीतिक पंडितों की मानें तो भाजपा को समय पर पुराने कार्यकर्ता को जुटाना आसान काम नहीं रहा है। अभी कार्यकर्ता नाम वापसी तक खुलकर भाजपा के साथ बाहर निकलने से गुरेज कर रहे हैं। नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होते ही अधिकांश कार्यकर्ता खुलकर जिसके पक्ष में सामने आएंगे कांग्रेस पार्टी का कड़ा मुकाबला उसी से होगा।