बैरियर से गुजरते समय अपने वाहन, गंतव्य और माल का विवरण पंजीकृत करवाना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर जिले में सेब सीजन के लिए एनएच-पांच पर चौरा में नियंत्रण कक्ष सह बैरियर स्थापित कर दिया है। यह बैरियर 30 नवंबर तक 24 घंटे काम करेगा। मालवाहक वाहनों से 200 से एक हजार तक शुल्क लिया जाएगा। यह कदम सेब और अन्य बागवानी फसलों के सुचारु परिवहन और यातायात प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने इस संबंध में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत आदेश जारी किया है। चौरा बैरियर वाहनों के सुचारू विनियमन, सरकार की ओर से अनुमोदित माल ढुलाई दरों के सख्त प्रवर्तन और फसलों की समय पर निकासी सुनिश्चित करेगा। सभी मालवाहक वाहनों को चौरा बैरियर से गुजरते समय अपने वाहन, गंतव्य और माल का विवरण पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा। बागवानी विभाग फसल की आवाजाही और खाली डिब्बों के आदान-प्रदान की निगरानी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड रखेगा। जिला पुलिस सेब परिवहन वाहनों के चालकों और सहायकों को फोटो पहचान पत्र जारी करेगी। बैरियर पर तैनात कर्मचारी वाहनों के दस्तावेज और माल का निरीक्षण कर सकेंगे। वे सरकार की ओर अनुमोदित माल ढुलाई दरों का अनुपालन भी सुनिश्चित करेंगे। खाली मालवाहक वाहनों को किन्नौर और पड़ोसी जिलों में फसल के समय पर परिवहन के लिए आवाजाही पर्ची जारी की जाएगी। पंजीकरण सभी मालवाहक वाहनों के लिए अनिवार्य है।
ये रहेगा शुल्क
हल्के मोटर वाहन (चार पहिया) के लिए प्रति यात्रा 200 रुपये का सेवा शुल्क लगेगा। मध्यम मालवाहक वाहनों (छह पहिया) के लिए यह शुल्क 500 रुपये प्रति यात्रा होगा। भारी मालवाहक वाहनों (छह पहिया से अधिक) के लिए एक हजार रुपये प्रति यात्रा का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क प्रति यात्रा एक बार एकत्रित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक, किन्नौर की देखरेख में सभी एकत्र किए गए शुल्कों का उचित रिकॉर्ड रखा जाएगा।
24 घंटे रहेगी निगरानी
नियंत्रण कक्ष सह बैरियर 30 नवंबर तक चौबीसों घंटे कार्य करेगा। निचार के तहसीलदार और नायब तहसीलदार ड्यूटी पर मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करेंगे। पुलिस अधीक्षक, किन्नौर पर्याप्त पुलिस कर्मियों को तैनात करेंगे। बागवानी विभाग आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों को तैनात करेगा। समग्र पर्यवेक्षण निचर के उप विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पास रहेगा। यह व्यवस्था भावानगर में लागू होगी।