पेजर खड्ड में अचानक बाढ़ आने से कई मकान जलमग्न, कई घरों में भरा मलबा
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20 बागवानों के हजारों फलदार सेब के पौधे, पांच सिंचाई कूहल, दो पेयजल स्रोत तबाह संवाद न्यूज एजेंसी सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के पूह खंड के लिप्पा गांव के साथ लगती पेजर खड्ड में वीरवार को दोपहर करीब 12:00 अचानक बाढ़ आने से लिप्पा गांव में कृत्रिम झील बन गई है और ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं, बाढ़ से कई घर जलमग्न हो गए हैं। लोगों के रिहायशी मकानों, पेयजल स्रोतों, सिंचाई कूहलों, सेफ्टी टैंक सहित बागवानों के हजारों सेब के पौधों को भारी क्षति पहुंची है। लिप्पा गांव के बीच बहने वाली पेजर खड्ड में अचानक बाढ़ के आने से टाशी नेगी का पांच मंजिला भवन, भारण सिंह नेगी और दलीप सिंह नेगी के तीन मंजिला भवन के धरातल के कमरों में पानी भरा हुआ है। वहीं, बुद्धदेव नेगी के पांच मंजिला भवन के धरातल के कमरों में मलबा भर गया है। दिलाराम नेगी और प्रकाश नेगी के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा गांव के 20 बागवानों के हजारों फलदार सेब के पौधों, पांच सिंचाई कूहलों, दो पेयजल स्रोतों समेत चार सेफ्टी टैंक भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। लिप्पा गांव के प्रधान हर्षा नेगी ने कहा कि बाढ़ के आने से गांव को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से जल्द गांव को सुरक्षित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अभी भी गांव में पानी का सैलाब है और कृत्रिम झील बनी हुई है। गांव को जल्द सुरक्षित करने की मांग उठाई है। वहीं, सूचना मिलते ही एडीएम पूह रविंद्र सिंह ठाकुर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राकृतिक तौर पर बनी झील की निकासी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। एडीएम पूह रविंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि गांव के बीच जो झील सी बनी है, उसकी निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।
संचार सुविधाएं ठप
वहीं, बाढ़ के बाद लिप्पा पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में पूरी तरह से संचार सुविधाएं ठप हो गई हैं। ग्रामीणों को संपर्क करना मुश्किल हो गया है और परेशानी झेलनी पड़ रही है।