वैधानिक प्रक्रिया पूरा न होने के चलते अबकि बार अनियमितताओं से सबक लेगी, सरकार या फिर से जनता के हाथ लगेगा झुनझुना
महज ढाई वर्ष ही चली थी नगर पंचायत, अनियमितताओं के चलते कोर्ट ने निरस्त कर फिर से सरकार को दी है बनाने के आदेश
नपं निरस्त होते ही आनी में शुरू हो गया है अव्यवस्थाओं का आलम
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। वैधानिक प्रक्रिया पूरा न होने के चलते हाईकोर्ट की ओर से नगर पंचायत आनी को निरस्त किए एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। हाईकोर्ट ने आदेशों में स्पष्ट कहा था कि वैधानिक प्रक्रिया को पूरा करते हुए सरकार नए सिरे से आनी को नगर पंचायत का दर्जा दें, लेकिन सवा साल बीत जाने के उपरांत अभी तक फिर से नगर पंचायत बनाने को लेकर मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, पांच पंचायतों से घिरे आनी कस्बे में समस्याओं का अंबार चरम पर पहुंच चुका है।
आनी कस्बे की जरूरत देखते हुए सरकार ने दिसंबर 2020 में कस्बे को नगर पंचायत की अधिसूचना जारी की। अप्रैल 2021 में यहां बनाए गए पांच वार्डों से पार्षद नियुक्त किए गए। महज सवा दो साल बाद की नगर पंचायत आनी को हाईकोर्ट ने वैधानिक प्रक्रिया पूरा न करने पर निरस्त कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट कहा था कि अनियमितताओं को दूर कर नए सिरे से कस्बे को नगर पंचायत बनाया जाए, लेकिन डिनोटिफाई होने के एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक मामला कागजों में ही उलझा हुआ है। वहीं, जनता को बेसब्री से नगर पंचायत बनने का इंतजार है।
पिछले साल बरसात के दौरान आनी में कुछ भवन धंस गए थे। आनी में नियमों के अनुसार भवनों का निर्माण नहीं हो रहा है। इस कारण यहां समस्याएं अधिक बढ़ गई है। इसके लिए आनी में नगर पंचायत का बनना जरूरी है ताकि यहां अवैध निर्माणों पर अंकुश लग सके।
आनी कस्बा खंड की पांच पंचायतों से घिरा है। पांच पंचायतों से घिरे आनी कस्बे के नदी नाले पंचायतों को विभाजित करते हैं। कस्बे में रहने वाले लोगों को संबंधित पंचायतों में अपना कार्य निपटाने के लिए कई किमी दूर तक चक्कर काटकर पंचायत मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। नदी नाले समीप होने के चलते स्थानीय लोग इन नदी नालों में गंदगी से भर देते हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इसके साथ कस्बे को सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की जरूरत है। कस्बे में पार्किंग न होने से आए दिन जनता को जाम का सामना करना पड़ता है। बीते वर्ष बरसात में हुई आपदा के बाद जरूरत के मुताबिक विकास नहीं हो पा रहा है। कस्बे में नदी नालों के तटीकरण की आवश्यकता है। कस्बे को सुंदर बनाने की कवायद नगर पंचायत ने शुरू कर दी थी, जो अब अधर में लटक गए हैं। ऐसी कई विकासात्मक योजनाओं का रोडमैप तैयार हो रहा था, जिससे कस्बे में विकास की दृष्टिगत अहम था। ऐसी सारी योजनाएं अब अधर में लटक गई हैं। नगर पंचायत के निरस्त होने के बाद नगर पंचायत की ओर से बनाई प्रॉपटी रामभरोसे है। अव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए नगर पंचायत का फिर से बनना आनी कस्बे की जरूरत है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई कब तक सिरे चढ़ती है और कस्बे वासियों को कब तक नपं बनने का इंतजार करना पड़ेगा, इस पर जनता की नजरें हैं।
यह मामला विधानसभा में उठाया है। भविष्य को देखते हुए कस्बे को नगर पंचायत की अति आवश्यकता है। सरकार से जवाब मिला है कि उपायुक्त कुल्लू से नए सिरे से नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
- लोकेंद्र कुमार, विधायक, आनी
सरकार की ओर से नगर पंचायत को नए सिरे से बनाने के लिए चार दिन पहले चिट्टी मिली है, जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बीडीओ और तहसीलदार को आगामी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। फील्ड रिपोर्ट का कार्य तहसीलदार द्वारा किया जा रहा है। -
नरेश वर्मा, एसडीएम आनी