आपदा के तीन साल बाद भी नहीं सुधरी खस्ताहाल सड़कें
. जल शक्ति विभाग नहीं कर पाया जल निकासी की व्यवस्था
. हर साल सेब सीजन में बंद हो जाती है सड़क, बागवान झेलते हैं परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर और रोहड़ू को जोड़ने वालीं सड़कें बरसात के दौरान आई आपदा से क्षतिग्रस्त हुई थीं। रोहड़ू वाया तकलेच और वाया भद्राश इन दोनों सड़कों की हालत आज दिन तक नहीं सुधर पाई है, जिससे इन सड़कों पर सफर जानलेवा बना हुआ है।इन सड़कों से हजारों ग्रामीण और किसान-बागवान लाभान्वित होते हैं, लेकिन लंबे समय से इन सड़कों की हालत बेहद खराब है। इस कारण हर वर्ष बागवानों को अपनी नकदी फसल सेब मंडी पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। बरसात के दौरान इन सड़कों की हालत और भी खराब हो जाती है। लोक निर्माण विभाग वर्षों बाद भी इन सड़कों की हालत नहीं सुधार पाया है। साल 2023 में प्राकृतिक आपदा से उपमंडल रामपुर की नरैण पंचायत में भूस्खलन से बड़ा नुकसान पहुंचा था। रामपुर से रोहड़ू उपमंडल को जोड़ने वाली रामपुर-तकलेच-सुंगरी सड़क भी नरैण में भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। यहां सड़क का करीब 15 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आने से धंस गया है। वर्तमान में यह सड़क करीब 10 फीट तक नीचे जा पहुंची है। वर्ष 2023 के जुलाई माह में भारी बारिश के कारण सड़क पर कई महीने तक वाहनों की आवाजाही ठप रही थी। ऐसे में क्षेत्र की नरैण और बाहली पंचायत के हजारों ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी। क्षेत्र में हर वर्ष सेब की करीब दो लाख पेटियों का उत्पादन होता है, लेकिन खस्ताहाल सड़क ग्रामीणों सहित हजारों किसानों-बागवानों की परेशानी बढ़ा रही है। हैरानी की बात है कि करीब तीन साल बीतने के बाद भी यहां सड़क को दुरुस्त करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग सड़क को दुरुस्त नहीं कर पा रहा है। विभाग का कहना है कि यह जगह भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में आती है और यहां निकल रहे भूमिगत पानी से सड़क धंस रही है। जल शक्ति विभाग को इस पानी के स्थायी समाधान के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस कारण सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। सड़क न सुधरने से हजारों ग्रामीणों में रोष पनपा है।
भद्राश-सुंगरी सड़क का आठ किलोमीटर हिस्सा बदतर
रामपुर से वाया भद्राश-सुंगरी सड़क भी अनदेखी का शिकार हो रही है। बीते वर्ष की भारी बरसात में शैली से लेकर ब्रांदली खड्ड तक करीब आठ किलोमीटर सड़क को काफी क्षति पहुंची थी। तब से लेकर अब तक सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया है। ऐसे में सड़क पर सफर करने वाले हजारों लोग और किसान-बागवान सरकार और विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से कई बार सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सड़क धंसने का सिलसिला बरकरार
क्षेत्र के जितेंद्र कायथ, दर्शन दास कायथ, जॉनी चौहान, कंवर देष्टा, सुनील देष्टा, सतवीर कायथ, तुला राम महाजन, लायक राम गुप्ता, ललित कायथ, प्रताप चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि नरैण में सड़क धंसने का सिलसिला बरकरार है। यदि आलम यूं ही रहा, तो जल्द ही सड़क का नामोनिशान मिट सकता है। यदि ऐसा होता है, तो हजारों ग्रामीणों का उपमंडल मुख्यालय से संपर्क कट जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से क्षेत्र की सड़कों को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
नरैण में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में भूमिगत पानी के कारण सड़क दुरुस्त नहीं हो पा रही। जल शक्ति विभाग की ओर से जल निकासी के बंदोबस्त होने के बाद ही यहां सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
गोवर्धन शर्मा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग तकलेच
नरैण में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जल्द जल निकासी के बंदोबस्त कर लिए जाएंगे। विभाग ने मौके पर पाइपें पहुंचा दी हैं, जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। - अरुण जैन, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग तकलेच
भद्राश-सुंगरी सड़क पर शैली से ब्रांदली खड्ड तक मरम्मत कार्य शुरू कर लिया गया है। अगले माह चार किलोमीटर सड़क को पक्का किया जाएगा। बृज लाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर