1 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि से निर्मित होने वाले सामुदायिक केंद्र पंचायत घर किल्बा का भी किया शिलान्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। निचार विकास खंड की युला पंचायत के गांव रूनंग के लिए जल्द 6 किलोमीटर संपर्क सड़क का निर्माण कार्य शुरू होगा। राजस्व, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को 11 करोड़ रुपये की राशि से निर्मित होने वाले सड़क का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास खंड कल्पा के किल्बा पंचायत में 1 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि से निर्मित होने वाले सामुदायिक केंद्र पंचायत घर किल्बा का भी शिलान्यास किया।
राजस्व मंत्री ने किल्बा में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि किल्बा कंडे को संपर्क सड़क से जोड़ने के लिए प्राक्कलन तैयार किया जाएगा और मल निकासी योजना के कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पशु औषधालय भवन को शीघ्र दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय जिला किन्नौर में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कल्पा मिनी स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से सुदृढ़ बनाने के लिए 26 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है, ताकि जिला की युवा पीढ़ी खेलों के प्रति आकर्षित हो सकें। वर्तमान प्रदेश सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कार्य कर रही है और समान विकास हर क्षेत्र में सुनिश्चित कर रही है। इस अवसर पर तहसीलदार सांगला हरदयाल, खंड विकास अधिकारी कल्पा प्यारे लाल, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा, विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता टाशी नेगी, पुलिस उपअधीक्षक भावानगर राजकुमार सहित कांग्रेस पाटी के पदाधिकारी-कार्यकर्ता समेत अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपेक्षित वर्गों को मिलेगा भूमि का मालिकाना हक
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार वन अधिकार अधिनियम-2006 के माध्यम से उपेक्षित वर्गों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में अधिकारियों को निर्देशों की अनुपालना करने के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005, मनरेगा अधिनियम-2005 एवं नौतोड़ अधिनियम-1968 भी कांग्रेस सरकार की देन है, जिससे वंचित वर्गों को सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कि वन अधिकार अधिनियम-2006 में ग्रामसभा में 50 प्रतिशत गांववासियों का उपस्थित होना अनिवार्य है और इसमें 10 प्रतिशत महिलाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान राजस्व मंत्री ने आम जनमानस की समस्याओं को सुना और सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया।