ठियोग की गवाई पंचायत के गांव बलेच में एक नेपाली का डेरा ढह गया। इस कारण नेपाली को काफी अधिक चोटें भी आई हैं और उसे आईजीएमसी शिमला में दाखिल करवाया गया है । इसके अलावा सरोग पंचायत के गांव कथेलड़ी में राजीव वर्मा का 300 सेब के पेडों का फलों से लदा बागीचा भूस्खलन से बरबाद हो गया है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में ठियोग उपमंडल की कई पंचायतों में बारिश के कारण सड़कें और खेत पानी के बहाव में बह गए हैं। ठियोग की गवाई पंचायत के गांव बलेच में एक नेपाली का डेरा ढह गया। इस कारण नेपाली को काफी अधिक चोटें भी आई हैं और उसे आईजीएमसी शिमला में दाखिल करवाया गया है । इसके अलावा सरोग पंचायत के गांव कथेलड़ी में राजीव वर्मा का 300 सेब के पेडों का फलों से लदा बागीचा भूस्खलन से बरबाद हो गया है। भलेच गांव में संदीप वर्मा के 30 पेड़ गीता वर्मा भलेच 150 पेड़ भूस्खलन से गिर गए है। रणजीत वर्मा गांव भलेच के मकान को खतरा पैदा हो गया है ।
विज्ञापन
इसके अलावा देवरीघाट पंचायत के गांव शदी में भूस्खलन के कारण राजू के मकान को खतरा पैदा हो गया है जिससे पूरा परिवार दहशत में है। वहीं, ठियोग चिखड़ रोड भी जगह-जगह ल्हासे गिरने से बंद हो गया है। करीब एक हजार सेब की पेटी रोड बंद होने के कारण फंसी हुई हैं। 300 के करीब बंद गोभी का कट्टे भी मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग का यह रोड डिवीजन के साथ लगता है, लेकिन एक टिपर होने के कारण रोड पर गिरे मलबे को हटाना मुश्किल हो रहा है। उधर, पंचायत की प्रधान अनिता चंदेल ने बताया कि रहीघाट क्यारटू सड़क पर जगह-जगह ल्हासे गिरने के कारण सड़क फिर से बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि काफी संख्या में लोगों का सेब फंसा हुआ है। पंचायत की ओर से सड़कों को खोलने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।