ब्लॉक की 22 सड़कों को पीएमजीएसवाई-4 में मिली मंजूरी, फाइनल स्वीकृति के बाद ही होगा सड़क का रास्ता साफ
हरिकृष्ण शर्मा
आनी( कुल्लू)। आनी विधानसभा क्षेत्र को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-4 के तहत बड़ी सौगात मिली है। इस योजना में क्षेत्र की कुल 60 सड़कों को मंजूरी मिली है, जिनमें से आनी ब्लॉक की 22 सड़कें शामिल हैं। इस योजना के तहत आनी में 13 सड़कों का कायाकल्प होगा और 9 सड़कों को निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इन सड़कों का निर्माण कार्य तभी शुरू होगा, जब इनको अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए कई महत्वपूर्ण औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन सड़कों को अंतिम मंजूरी तभी मिल पाएगी जब भूमि मालिकों की ओर से गिफ्ट डीड विभाग को सौंपी जाएगी। साथ ही भूमि का एफसीए (फॉरेस्ट क्लीयरेंस एक्ट) और एफआरए (फॉरेस्ट राइट्स एक्ट) के तहत मंजूरी प्राप्त हो जाएगी। गिफ्ट डीड का म्यूटेशन यानी राजस्व रिकॉर्ड में परिवर्तन भी आवश्यक है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनआरडीए (नेशनल रूरल डेवलपमेंट एजेंसी) की ओर से इन सड़कों की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा में जो सड़कें तय मानकों पर खरी उतरेंगी, उन्हीं का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। योजना में शामिल हर सड़क के अंतर्गत न्यूनतम 250 की जनसंख्या होना भी आवश्यक शर्तों में से एक है। आनी ब्लॉक की 22 सड़कों में से 9 सड़कों को स्टेज वन और 13 सड़कों को स्टेज टू में रखा गया है।
इन सड़कों का कायाकल्प होगा
13 सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा। इनमें मुहान से मरेछ (4.3 किमी), खनाग - शुश टकरासी बालू ब्लेहड़ (18 किमी), चौंराधार से पनेई (8 किमी), कठार से खड़वी (8 किमी), शराणधार से शाई (2.3 किमी), टिकट से टिकरी धार (3.9 किमी), रूमाली से डीम (6.4 किमी), दलाश से गूंगी (3 किमी), सिसरी से टकरासी (8.4 किमी), एनएच से कनाल (3.5 किमी), मोइन से गोथना (2.6 किमी), रैची से खनी (2 किमी), और खोबड़ी खड्ड से थलीन (2.4 किमी) जैसी सड़कें प्रमुख हैं।
ये सड़कें बनेंगी
9 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनमें मेढ़र से कोट (3.3 किमी), भोजपानी से लामी डूंगरी (6.6 किमी), जाओ से लोअर तराला (3 किमी), शानी से टांडी (4 किमी), तलूना से निशानी (4.9 किमी), शमशर से चलोहन (3.4 किमी), शमशर से पनेई (9.3 किमी), थाचवी से लदेर (5.3 किमी) और जाजरपुल से चौकी (4.5 किमी) शामिल हैं।
लोग जल्द गिफ्ट डीड विभाग को सौंपें
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आनी क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जनता से अपील की है कि जिनकी भूमि सड़कों के दायरे में आती है, वे अपनी गिफ्ट डीड और अन्य राजस्व दस्तावेज शीघ्र विभाग को सौंपें, ताकि कार्य में कोई बाधा न आए।
सड़क निर्माण से पहले एफआरए, एफसी क्लीयरेंस, गिफ्ट डीड और म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इन औपचारिकताओं की समयबद्ध पूर्ति से ही सड़कें तय समय में पूरी की जा सकेंगी।
मनोज भारद्वाज, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण