उपचार के लिए सैकड़ों किमी का सफर
अस्पताल रिकांगपिओ में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के कई पद खाली
फार्मास्स्टिों के पांच, सफाई कर्मियों के पांच पद खाली
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)।
क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में डॉक्टरों, वार्ड सिस्टरों सहित अन्य स्टाफ की कमी है। लोगों को अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में जिले के लोगों को 90 किलोमीटर दूर रामपुर या फिर 240 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला में उपचार करवाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों के 15 पद स्वीकृत हैं। इनमें से मात्र नौ पद भरे और छह पद खाली हैं। मेडिकल ऑफिसर डेंटल का दो में से एक पद खाली है। वार्ड सिस्टरों के चार में से तीन पद खाली हैं।
अस्पताल में हेल्थ एजुकेटर का एक स्वीकृत पद है, जो रिक्त चल रहा है। फीमेल हेल्थ वर्कर के स्वीकृत छह में से दो पद खाली हैं। फीमेल हेल्थ सुपरवाइजर के स्वीकृत पद तीन हैं और ये सभी खाली हैं। अस्पताल में चार में से दो ही चालक सेवाएं दे रहे हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्वीकृत पद 27 हैं। इनमें से नौ कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे और 18 पद रिक्त हैं। सफाई कर्मचारियों के स्वीकृत पद छह हैं। वर्तमान में एक ही कर्मचारी है और पांच पद खाली। फार्मास्स्टिों के छह पदों में से पांच खाली हैं। इस साल अक्तूबर से वरिष्ठ रेडियोग्राफर का एकमात्र पद भी खाली है। वरिष्ठ लैब तकनीशियन के स्वीकृत पद आठ हैं। इनमें से एक ही पद भरा है। रेडीयोग्राफर का पद खली पड़ा है। आउट सोर्स के तहत कार्य चलाया जा रहा है। जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिश्वरी नेगी, देव त्रशि नेगी, महिला मोर्चा प्रदेश सचिव सुनीता नेगी, कन्या नेगी, राम देवी नेगी, राधिका नेगी, सत्या कुमारी नेगी, दीपिका नेगी, रामपति नेगी, कविता नेगी, मोहिनी नेगी, राजेश्वरी नेगी, राजवंती हुरूम, रविना नेगी आदि ने कहा कि अस्पताल में दर्जन से अधिक पद खाली हैं। इससे उपचार करने में दिक्कत हो रही है। इन पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। उधर, सीएमओ किन्नौर डॉ. पदम नेगी ने कहा कि चिकित्सकों और अन्य स्टाफ के रिक्त पदों के बारे में लिखित रूप से अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि सरकार जल्द रिक्त पदों को भरेगी। आउट सोर्स से कई पदों को भरकर काम चल रहा है।