रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के तहत आने वाली नरैण पंचायत के ग्रामीण बीते कई माह से मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। पंचायत क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क जैसी समस्याओं से ग्रामीण परेशान हैं। गांव को जुगाड़ से तो पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। नाबार्ड के तहत पानी की आपूर्ति के लिए 1 करोड़ 19 लाख की योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन उसका काम भी संतोषजनक नहीं हुआ। मुख्य स्रोत पर भंडारण टैंक नहीं बनाया गया, बल्कि प्लास्टिक की पाइप से फिल्टर टैंक तक पानी पहुंचाया गया है। बरसात के दिनों में प्लास्टिक की पाइप बह जाने से बार-बार दिक्कतें पेश आ रही है।
ग्रामीणों में रोष है कि पंचायत के तहत आने वाली तीन हजार आबादी समस्याओं से जूझ रही है और वहीं विभागों के अधिकारी उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे नरैण पंचायत के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता और आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता से मिला। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को चेताया कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो वे सड़कों पर उतर कर आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नरैण पंचायत का मढोग गांव आज भी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। यहां हर घर को बिजली पहुंचाने के सरकारी दावों की पोल खुल रही है। इस गांव में बिजली की लाइन तक नहीं पहुंच पाई है, पोल लगाने का काम पिछले तीन माह से बंद पड़ा है। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली दलोग-चाशनी-मढोग सड़क का काम दो साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार ने काम पर सिर्फ 3-4 मजदूर ही लगाए हैं। यही हाल गांव के लिए की जा रही पानी की आपूर्ति का है।
इस मौके पर नरैण पंचायत के वार्ड पंच गोपाल महाजन, डॉ. केदार चौहान, पवन चौहान, भूपेंद्र सिंह चौहान, भगवान दास, भूपेंद्र चौहान, अश्वनी चौहान, रमेश चौहान, महेंद्र कुमार, विनोद महाजन, सतीश कुमार, धर्मदास, रतन दास, शांता महाजन और सतीश चौहान सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिक्षण अभियंता जतिंद्र सिंह ने कहा कि नरैण पंचायत की समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है। उनकी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।