किन्नौर में 13 वर्ष पहले दस हजार हेक्टेयर में उगता था सेब, अब सवा लाख हेक्टेयर में हो रही खेती
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किन्नौर में 52 हजार से करीब 82 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा सेब उत्पादन
जिले के लोगों की आर्थिकी सशक्त करने में अहम भूमिका निभा रहा सेब उत्पादन : नेगी
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। सेब की लाली से जनजातीय जिला निखर रहा है। किन्नौर में एक दशक पूर्व जहां कुछ ही भूमि पर सेब उत्पादन हो रहा था, वहीं अब सेब उत्पादन जिले के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बन गया है। जिले में 13 वर्ष पहले जहां दस हजार हेक्टेयर में सेब की खेती हो रही थी। अब सवा लाख से अधिक हेक्टेयर भूमि पर सेब की पैदावार से बागवान अपना जीवन संवार रहे हैं। 13 वर्ष पहले जहां जिले में 52 हजार मीट्रिक टन सेब उत्पादन हुआ था, वहीं आज के दौर में यह आंकड़ा करीब 82 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है। जिले के लोगों की आर्थिकी को सशक्त करने में सेब उत्पादन मुख्य भूमिका निभा रहा है। किन्नौर जिले के पूह, कल्पा और निचार में 13 वर्षों से सेब का उत्पादन 8183371.562 मीट्रिक टन हुआ है। तीनों ब्लॉकों में 135735.41 हेक्टेयर भूमि पर सेब के बगीचे लगे हैं। उद्यान विभाग किन्नौर के उप निदेशक भूपिंदर सिंह नेगी ने कहा कि किन्नौर के वातावरण में जलवायु परिवर्तन से तापमान बढ़ने के कारण सेब की पैदावार में अंतर पड़ा है। निचार ब्लॉक में सेब की पैदावार कम हो रही है, जबकि ऊपरी क्षेत्रों पूह ब्लॉक में सेब का अच्छी फसल हो रही है। 13 सालों में निचार ब्लॉक से अब तक कुल 173885.882 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ है। पूह ब्लॉक में सबसे अधिक 341302.84 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ है। इसी तरह कल्पा ब्लॉक में 303182.84 मीट्रिक टन सेब की पैदावार हुई है। नेगी ने बताया कि निचार ब्लॉक में ओलावृष्टि होती है, जबकि अन्य दो ब्लाकों में ओलावृष्टि नहीं होती है। निचार ब्लॉक की 40215.48 हेक्टेयर, पूह ब्लॉक में 45459.25 हेक्टेयर और कल्पा ब्लॉक में 50060.68 हेक्टेयर भूमि में सेब का उत्पादन किया जा रहा है। पूह ब्लॉक में 2024-25 में सेब की सबसे अधिक पैदावार 36497 मीट्रिक टन, ब्लॉक में 34305 मीट्रिक टन और निचार ब्लॉक में 25834 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ है। 13 वर्ष पहले 2012-13 में किन्नौर के तीनों ब्लाॅकों में कुल सेब का उत्पादन 52026 मीट्रिक टन और तीनों ब्लाकों में कुल 10116.47 हेक्टेयर भूमि में बगीचे लगे थे।
उद्यान विभाग किन्नौर के उप निदेशक भूपिंदर सिंह नेगी ने बताया कि उद्यान विभाग किन्नौर की ओर से हर साल सेब की उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी लगाई जाती है। बागबानों को अनुदान पर पौधे उपलब्ध करवाए जाते हैं। इस कारण बागवानों की आर्थिकी स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2024-25 में जिले में सेब उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले के बागवान विदेशी नर्सरी, आधुनिक तरीके और उच्च गुणवत्ता वाले नर्सरी से सेब उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी अधिक आमदनी हो रही है। सेब उत्पादन जिले के बेरोजगार युवाओं के उत्थान में भी अहम भूमिका निभा रहा है।