विपक्ष की ओर से सरकार पर दिल्ली में रहने और विकास कार्य प्रभावित होने के आरोपों पर धर्माणी ने कहा कि सरकार जनता के बीच रहकर काम कर रही है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय वैकल्पिक गवर्नेंस सिस्टम विकसित नहीं किया गया। उनके अनुसार, राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे के रूप में मिले करीब 70 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड का उचित उपयोग नहीं हुआ।
मंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और गैर-उत्पादक खर्चों में कटौती पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से राज्य सरकार प्रतिवर्ष करीब 4,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने में सफल रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के बकाये के सवाल पर धर्माणी ने कहा कि किशाऊ के बाद अब बीबीएमबी से भी बकाया राशि जल्द वसूलने की तैयारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीबीएमबी की परियोजनाओं को मंजूरी देते समय प्रदेश के हितों और उससे होने वाली आय को प्राथमिकता दी जाएगी।