अदालत के आदेशानुसार 30 जुलाई 2025 तक पेंशनरों की सभी देनदारियां चुका दी जाएंगी। बाली ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में निगम का टर्नओवर 109 करोड़ और 2023-24 में 105 करोड़ रहा है। निगम की जो आय बढ़ी उससे 35 करोड़ पेंशनरों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और पे स्केल रिवीजन पर खर्च किए। कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने 5 साल के कार्यकाल में पेंशनरों के लिए 29 करोड़ जारी किए गए, जबकि मौजूदा सरकार ने महज दो सालों में 34.94 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। यह पैसा सरकार से लेकर पेंशनरों को नहीं दिया गया, बल्कि निगम की आय से चुकाया गया है।
67 पेंशनरों के परिजनों को 3 दिसंबर से पहले देंगे 1.17 करोड़
निगम के 67 पेंशनरों के परिजनों को 3 दिसंबर से पहले 1.17 करोड़, चतुर्थ श्रेणी के 65 साल से अधिक आयु के 52 पेंशनरों को 3 दिसंबर से पहले 50 फीसदी एरियर, चतुर्थ श्रेणी के 60 से 65 आयु 72 पेंशनरों को 23 दिसंबर तक बकाया लाभ और अन्य बाकी बचे हुए पेंशनरों की 30 जून 2025 तक सभी देनदारियां निपटा दी जाएंगी। बाली ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार ने निगम की 7 संपत्तियां निजी कंपनियों को लीज पर दी थीं।
सुधीर और राकेश पठानिया ने झूठ बोलकर खराब की निगम की छवि
बाली ने कहा कि सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाकर निगम की छवि खराब करने का काम किया। एक पोस्ट में लिखा 150 करोड़ का बिजली बिल जमा न होने से हिमाचल भवन नीलाम हो रहा है। जबकि बिजली बिल का एक भी रुपया बकाया नहीं है। भाजपा नेता राकेश पठानिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपने कार्यकाल में निगम के लाभांश और होटल चायल पैलेस के लाभांश की गलत आंकड़े प्रस्तुत किए।
गलत आंकड़ों के आरोपों की होगी जांच, कार्रवाई भी होगी
निगम कर्मचारी संघ की ओर से प्रेस वार्ता कर निगम प्रबंधन पर अदालत में गलत आंकड़े प्रस्तुत करने के आरोपों पर बाली ने कहा कि यूनियन के पदाधिकारी शपथपत्र पर लिखकर दें कि अदालत में गलत आंकड़े रखे गए हैं। तुरंत इसकी जांच की जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए तो प्रबंधन पर कार्रवाई होगी और अगर यूनियन के नेताओं ने सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए यह बात कही होगी तो बर्दाश्त नहीं होगा और कार्रवाई होगी।