राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन भी एम्स पहुंचेंगे। बिलासपुर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में 2020 बैच के 43 एमबीबीएस पासआउट डॉक्टर, 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक, 2022 बैच के 26 नर्सिंग प्रशिक्षु और नौ पैरामेडिकल विद्यार्थी डिग्री प्राप्त करेंगे। राष्ट्रपति दौरे के मद्देनजर एम्स परिसर और आसपास 250 पुलिस और होमगार्ड के जवान सुरक्षा संभालेंगे। उधर, मनाली से अटल टनल और हिडिंबा मंदिर तक के मार्ग पर जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहेंगे। राष्ट्रपति मंगलवार को एम्स से मनाली के सासे हेलीपैड पर उतरेंगी और वहां से सर्किट हाउस जाएंगी, जहां उनका ठहराव होगा। वीरवार सुबह सासे हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना होंगी। कुल्लू के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
एम्स बिलासपुर की ओपीडी आद बंद, अटल टनल की ओर 18 घंटे नहीं जा सकेंगे वाहन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे और एम्स बिलासपुर में प्रथम दीक्षांत समारोह के आयोजन के चलते मंगलवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण नहीं होगा और चिकित्सीय परामर्श भी नहीं दिया जाएगा। वहीं, छह अक्तूबर शाम 6 बजे से 7 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे तक अटल टनल की ओर जाने वाले सभी तरह के वाहनों को अनुमति नहीं होगी। 7 अक्तूबर को पलचान से अटल टनल रोहतांग तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। एम्स प्रशासन ने मरीजों से अपील की है कि वे नियमित जांच, फॉलोअप या चिकित्सीय परामर्श के लिए मंगलवार को अस्पताल आने की योजना न बनाएं। एम्स के रजिस्ट्रार राकेश कुमार सिंह ने बताया कि समारोह के चलते मरीजों और आम जनता की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओपीडी सेवाएं एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मरीज अपनी नियमित जांच और उपचार के लिए किसी अन्य दिन एम्स आ सकते हैं। हालांकि, ओपीडी बंद रहने का असर आपातकालीन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। आपात स्थिति में मरीजों को सामान्य दिनों की तरह इमरजेंसी में उपचार मिलेगा। वहीं, एम्स में पहले से भर्ती मरीजों के उपचार और देखभाल के लिए आईपीडी सेवाएं भी नियमित रूप से जारी रहेंगी।