जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी पीठ थपथपाने के बजाय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताएं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पूर्व भाजपा सरकार पर बेवजह दोषारोपण कर रहे हैं।
किशाऊ बांध परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन पर संबंधित राज्यों के हस्ताक्षर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की सहमति से अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी पीठ थपथपाने के बजाय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताएं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पूर्व भाजपा सरकार पर बेवजह दोषारोपण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में केंद्र ने परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी, लेकिन दिल्ली की आम आदमी पार्टी और राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने अपने हिस्से को लेकर सहमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना को लेकर परिस्थितियां अनुकूल हुईं और समझौता संभव हो सका। उन्होंने बताया कि मौजूदा सहमति के अनुसार दिल्ली परियोजना का 75 फीसदी खर्च, जबकि राजस्थान 25 फीसदी खर्च वहन करेगा।
जयराम ने कहा कि पांच साल पहले किशाऊ परियोजना की अनुमानित लागत करीब 11,500 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ रुपये पहुंच गई है। उनका दावा है कि राजनीतिक मतभेदों के कारण परियोजना में देरी हुई और इसकी लागत भी बढ़ी। जयराम ने कहा कि यदि दिल्ली और राजस्थान में पहले ही भाजपा की सरकारें होतीं तो किशाऊ परियोजना काफी आगे बढ़ चुकी होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रयासों तथा संबंधित राज्यों की सकारात्मक सहमति से हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजना आगे बढ़ी है।