अपने संबोधन में डीएसपी ने प्रशिक्षुओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। समाज में नशे का कारोबार कैसे फैल रहा है और नशे को शिकंजा कसने के लिए एनडीपीएस एक्ट में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के जरिए इसकी प्रेजेंटेशन भी दी। वीडियो के जरिए बताया कि कैसे पाकिस्तान से नशे की खेप हर महीने ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचाई जा रही है और वहां से नशे के तस्कर कैसे उसे चंडीगढ़ ला रहे हैं। यह भी बताया कि कैसे चंडीगढ़ से उसे हिमाचल लाया जा रहा है। मुख्य ड्रग तस्कर को पकडऩे के लिए पुलिस के प्रयासों और मुश्किलों को भी प्रोजेक्टर के जरिए विस्तार से बताया।
डीएसपी ने कई उदाहरण और डैमो देकर बताया कि कैसे 16 से 25 साल के बच्चे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने बच्चों को नशे का कारोबार और सेवन करने वालों की संगत में रहने वालों को क्या क्या परेशानी आ सकती है, इसकी भी जानकारी दी। डीएसपी रमाकांत ठाकुर ने कहा कि नशा कितना गंभीर रूप ले चुका है। इसकी गंभीरता समाज नहीं समझ रहा है। उन्होंने इसे बेहतर ढंग से समझाने के लिए प्लासी के युद्ध का उदाहरण भी दिया। उन्होंने समाज से भी समय रहते इसकी गंभीरता समझने का आह्वान किया।