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Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में शिवांगी को पाकिस्तान ने पकड़ने का किया था दावा, जानें हिमाचल से क्नेक्शन

Fri, 31 Oct 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, डरोह (कांगड़ा)।

सार

Operation Sindoor: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह से मुलाकात की। जिसके बाद पालमपुर के डरोह में दादा ज्ञान चंद शर्मा और पिता सुनील कुमार शर्मा के बेटे वायुसेना में पायलट आकिल शर्मा की धर्मपत्नी शिवांगी के घर बधाइयां देने वालों का तांता लग गया है। 
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डरोह की बहू महिला पायलट शिवांगी व पायलट पति आकिल शर्मा अपनी दादी के साथ। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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उपमंडल पालमपुर के डरोह की शिवांगी ने पूरे प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर दिया है। दादा ज्ञान चंद शर्मा और पिता सुनील कुमार शर्मा के बेटे वायुसेना में पायलट आकिल शर्मा की धर्मपत्नी शिवांगी के घर बधाइयां देने वालों का तांता लग गया है। शिवांगी की उपलब्धि ने केवल परिवार का ही नाम रोशन नहीं किया, बल्कि समूचे प्रदेश व देश को गौरवान्वित कर दिया है। देश की राष्ट्रपति के साथ साझा हुए चित्रों ने देश की युवा पीढ़ी को सीख दी है। ऑपरेशन सिंदूर में भी शिवांगी का अहम रोल रहा है।

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देश के नौजवानों के लिए यह प्रेरणास्रोत के रूप में देखा जा रहा है। शिवांगी और आकिल दोनों ही भारतीय वायु सेना में पायलट हैं। दोनों के परिवारों की पृष्ठभूमि भारतीय सेना से जुड़ी है। शिवांगी को जहां अपने नाना का मार्गदर्शन मिला, वहीं आकिल शर्मा अपने दादा और पिता से प्रभावित हुए हैं। दोनों में देश प्रेम का जज्बा बचपन से ही था। शिवांगी को महिला पायलट के दूसरे बैच के रूप में 2017 में कमीशन मिला था। उन्होंने हैदराबाद में अपना प्रशिक्षण लिया था। पहले उन्होंने मिग 21 जेट उड़ाया, उसके बाद 2020 में राफेल के लिए उनका चयन हुआ। वह राफेल उड़ाने वाली देश की इकलौती महिला पायलट हैं। वह भारत का प्रतिनिधित्व अन्य देशों में भी कर चुकी हैं। शिवांगी की शादी बीते साल दिसंबर में डरोह के आकिल शर्मा से हुई है। वह मूल रूप से उत्तरप्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं। मौजूदा समय में वह अंबाला एयरबेस एलीट 17वीं स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो का हिस्सा हैं।

शिवांगी अंबाला में वायुसेना के बेड़े में 2020 में शामिल हुई थीं और राफेल विमानों के इस बेड़े को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ढांचों को गिराने के लिए प्रयोग किया गया था।शिवांगी के पति आकिल शर्मा की पृष्ठभूमि भी भारतीय सेना से जुड़ी है। उनके दादा ज्ञान चंद शर्मा डोगरा रेजिमेंट में थे। वहीं पिता सुनील कुमार भी सिग्नल कौर से रिटायर हुए हैं। आकिल भी भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट अंबाला में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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पाकिस्तान ने किया था पकड़ने का दावा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत की महिला पायलट शिवांगी को पकड़ने का दावा किया था। उनके इस झूठ को उजागर करने के लिए बुधवार को देश की राष्ट्रपति ने शिवांगी के साथ अंबाला एयरबेस से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। 33 मिनट की उड़ान में उनके साथ 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरोज के कमांडिंग ऑफिसर अमित गेहानी उनके साथ पायलट के रूप में थे। उन्हें वायुसेना के प्रमुख अमरप्रीत सिंह ने एस्कॉर्ट किया।
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