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कड़ाके की ठंड में अंधेरे ने बढ़ाई और दिक्कतें

Mon, 21 Jan 2013 09:55 AM IST
शिमला/ब्यूरो
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हिमाचल में बर्फबारी के तीसरे दिन भी जिंदगी पटरी पर लौटती नजर नहीं आ रही है। ऊपरी शिमला से लेकर लाहौल, किन्नौर, मनाली, मंडी और कांगड़ा के दूरदराज के क्षेत्रों में सड़कें बंद पड़ी है। लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्गों को तो खोल दिया है, लेकिन अन्य सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं है। राजधानी शिमला में ही लक्कड़ बाजार सड़क पूरी तरह से बंद है। कड़ाके की ठंड में बिजली गुल होने के कारण छाए अंधेरे ने जिंदगी को और दूभर बना दिया है।
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प्रदेश में छोटी बड़ी सड़कों को मिलाकर 120 सड़कें अभी तक बंद हैं। राज्य परिवहन निगम की 160 से ज्यादा बसें फंसी हुई हैं। निजी और छोटे वाहनों को मिलाकर फंसे हुए वाहनों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। प्रदेश में रविवार को मौसम भले ही साफ रहा, लेकिन लोगों की दिक्कतें इससे ज्यादा बढ़ी हैं।

पानी, बिजली व यातायात सुविधाएं ठप
शिमला को छोड़कर सभी जिलों में तापमान गिरा है। आसमान साफ रहने से जमीन पर जमीं बर्फ जानलेवा होती जा रही है। भारी बर्फबारी का असर अब बिजली प्रोजेक्टों पर भी पड़ता दिख रहा है। भावा और आंध्रा प्रोजेक्ट की ट्रांशमिशन लाइनें टूटने के कारण सप्लाई बंद हो गई है।
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परिवहन निगम ने रोहडू और नेरवा के लिए दो बसें बाया नाहन भेजी और किंगल के लिए वाया बसंतपुर से सेवाएं शुरू कर दीं। पड़ोसी राज्यों को बस सेवा सुबह ही बहाल हो गई थी। सूरज निकलने के बाद निचले हिमाचल के लिए वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।

ऊपरी शिमला, किन्नौर, लाहौल, मनाली, कुल्लू सहित अन्य दूरदारज के क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ती जा रही है। यहां लोगों के मोबाइल पर नेटवर्क भी नहीं मिल रहा है। प्रदेश के लोगों को सुबह के ब्रेकफास्ट से लेकर बाजारों तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में भारी बर्फबारी के चलते यातायात ठप है। रविवार को बसें आधे रास्ते तक ही जा पाईं। ग्रामीण रूटों पर भी वाहनों की आवाजाही बाधित है। कल्पा को भेजी बस बधाल से आगे नहीं गई। किन्नौर में जनजीवन पूरी तरह ठहर गया है। यहां फंसे काजा के करीब दो दर्जन लोगों को कोई राहत नहीं मिल पाई है। बिजली-पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। केवी लाइन टूटने से काजा, किन्नौर और रोहड़ू में ब्लैक आउट है।

कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र छोटा भंगाल के तहत बर्फबारी से बरोट-लुहारड़ी और बरोट-कोठी कोहड मुख्य सड़कें बंद पड़ी हैं। क्षेत्र के 75 विद्युत सब स्टेशन के तहत 55 सब स्टेशन बंद पड़े हैं। करसोग में मंडी-शिमला मार्ग तीन दिन से पूरी तरह अवरुद्ध है। सराज घाटी के दूरदराज गाड़ागुसैणी में भारी बर्फबारी के चलते पानी, बिजली व यातायात सुविधा पूरी तरह ठप है।

सिरमौर में शिलाई-गत्ताधार मार्ग तीन दिन से बंद है। गिरिपार में कई जगह दो दिन बीत जाने पर बिजली बहाल नहीं हो सकी है। चंबा में चुराह की ग्राम पंचायत चांजु, देहरा, और टेप में चार दिन से बिजली नहीं है। कुल्लू में कई जगह पानी के स्रोत जम गए हैं। जिला के करीब 400 गांव सड़क से कटे हैं। बंजार घाटी की डेढ़ दर्जन पंचायतों के कई गांव सड़क से कटे हैं। आनी खंड की 15 पंचायतों का संपर्क अलग-थलग पड़ा है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश व हिमपात की संभावना
मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार 23 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, उसके प्रभाव से केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश व हिमपात की संभावना है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि सभी अधिकारियों को निजी मशीनें हायर करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। सभी मुख्य सड़कों को खोल दिया गया है, कुछ पर तेजी से काम चल रहा है।
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