पुलिस के सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षा को लेकर तैनात रहे। 25 से 31 दिसंबर के बीच 50,000 के करीब दूसरे राज्यों की गाड़ियां शिमला पहुंचीं हैं। 31 दिसंबर के दिन ही 4,300 वाहनों ने शोघी बैरियर से शिमला शहर में प्रवेश किया। रिपोर्टिंग रूम के बाहर हजाराें युवाओं ने नाटी डालकर डांस किया। इसमें सैलानियों ने खूब मस्ती की।
इस दौरान मालरोड और रिज पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बर्फबारी नहीं होने के कारण सैलानियों में निराशा नजर आई। इस दौरान लोगों ने सेल्फी प्वाइंट पर फोटो खींचकर यादों को सहेजा। विंटर कार्निवल के लिए सजे स्टॉलों पर भी काफी भीड़ उमड़ी। शहर में हजारों की संख्या में सैलानियों के पहुंचने से दोपहर बाद ही शहर की प्रमुख पार्किंग पैक हो गईं। इस वजह से सैलानियों को पार्किंग की जगह नहीं मिली। हालांकि पुलिस विभाग ने सैलानियों की सुविधा के लिए चिह्नित की अस्थायी पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने की सुविधा दी थी। पुलिस ने 2500 के करीब वाहनों को खड़ा करने की सुविधा शहर की सड़कों के किनारे प्रदान की है लेकिन इस वजह से शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और वाहनों की कतारें लगी रहीं। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की थी।
बावजूद शहर में वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि शहर में दिनभर वाहन रेंगते हुए नजर आए। इस वजह से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। सैलानियों ने कहा कि शिमला आकर जश्न मनाने की हसरत पूरी हो गई। इसके अलावा पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि कोई गलत हरकत न कर पाए। होटलों में भी रातभर नववर्ष का जश्न चलता रहा है। सैलानियों को डबल रेट पर खाने-पीने का सामान का दिया गया। देर रात 12 बजे रिज मैदान को पुलिस ने खाली करवा दिया।