जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए उन्हें शिमला से तुरंत लौटना पड़ा। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के निपटते ही जितेंद्र सिंह फिर हिमाचल आएंगें। उसके बाद प्रदेश के कई जिलों का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान मंडल व जिलों के नवनियुक्त अध्यक्षों के अलावा पूर्व पदाधिकारियों से भी मंत्रणा करेंगे। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए कई नेता रेस में है, इनमें सांसद राजीव भारद्वाज, इंदू गोस्वामी, विपिन सिंह परमार, रणधीर शर्मा, त्रिलोक जम्वाल, सतपाल सिंह सत्ती, बिक्रम सिंह सहित अन्य नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
चर्चा तो यहां तक है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर को भी अध्यक्ष पद की कमान दी जा सकती है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि अगर जातीय संतुलन को देखा जाए तो किसी ब्राह्मण चेहरे को ही पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अनुसूचित जाति वर्ग से सुरेश कश्यप पहले पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रदेश की आधी आबादी को अगले चुनावों में साधने के लिए किसी महिला को भी प्रदेशाध्यक्ष का जिम्मा दिया जा सकता है।
इसके अलावा क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए कांगड़ा, हमीरपुर और शिमला संसदीय क्षेत्रों की दावेदारी मंडी से ज्यादा मजबूत है। मंडी से जयराम ठाकुर भाजपा विधायक दल के नेता है। नेता प्रतिपक्ष राजपूत है, ऐसे में ब्राह्मण नेता की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। जितेंद्र सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनावों का भी फीडबैक लिया। प्रदेशाध्यक्ष के साथ भाजपा केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चयन होना है, इसे लेकर भी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रभारी जितेंद्र सिंह वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे।