यह कहानी है उस मुस्लिम परिवार की जो दशहरे से 9-10 दिन पहले नाहन आकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाने में जुट जाता है। उत्तर प्रदेश के जिला शामली के थाना कस्बा निवासी मोहम्मद सद्दाम व सलीम अहमद का परिवार पिछले कई साल से नाहन में मनाये जाने वाले दशहरा उत्सव के लिए रावण, मेघनाथ और कुंंभकर्ण के पुतले तैयार कर रहा है।
इस परिवार के 9 से 10 लोग इन पुतलों को बनाने के लिए 7 दिन से नाहन में डटे हुए हैं और देर रात तक कार्य कर रहे हैं। पुतलों के निर्माण के साथ-साथ इनमें आतिशबाजी भरने का कार्य भी यही परिवार कर रहा है। इन पुतलों में 700 से अधिक शक्तिशाली पटाखें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह उनका बेशक खानदारी पेश है लेकिन उनका पूरा परिवार इस पर्व में जरूर शामिल होता है।
मुस्लिमों के बिना अधूरी है दशहरे और दीवाली की रौनक
हिंदुओं के सबसे बड़े पर्व दीवाली व दशहरे की रौनक मुस्लिमों के बिना अधूरी ही है। दशहरे पर जहां रावण के पुतलों का निर्माण मुस्लिम कारीगर ही करते हैं। वहीं इस समुदाय के लोग दीवाली पर भी खूब खरीदारी करते हैं और पटाखे भी फोड़ते हैं। इससे दुकानदारों के व्यवसाय को चार चांद लगते हैं।