स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशक जितेंद्र सांजटा
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हिमाचल प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की पांच मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (एमएफटीएल) वैन सक्रिय हैं। शिमला, सोलन, कुल्लू, सिरमौर और बिलासपुर में संचालित इन मोबाइल वैन से अब तक 1,579 खाद्य नमूने एकत्र किए जा चुके हैं। मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच की सुविधा मिलने से खाद्य सुरक्षा की निगरानी के साथ लोगों में मिलावट के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। संयुक्त आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) सह निदेशक जितेंद्र सांजटा ने कहा कि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से आम जनता, खाद्य कारोबार संचालकों और अन्य हितधारकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच करवाने की सुविधा दी जा रही है।
मोबाइल वैन में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई मानकों की प्राथमिक जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि खाद्य तेल की गुणवत्ता जांचने के लिए टीपीसी मीटर और एसिड वैल्यू की जांच की जाती है। रिफ्रैक्टोमीटर से टीएसएस (टोटल सॉल्यूबल सॉलिड्स) और शुगर की जांच होती है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में आयोडीन और स्टार्च तथा पानी की पीएच आधारित जांच भी की जाती है। इन जांचों के जरिए संभावित मिलावट की पहचान और लोगों को खाद्य गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
सिरमौर और सोलन में सबसे अधिक सैंपल
विभाग के अनुसार अब तक बिलासपुर से 486, कुल्लू से 62, सिरमौर से 511 और सोलन से 520 खाद्य नमूने लिए गए हैं। मोबाइल लैब के जरिये फील्ड स्तर पर सैंपलिंग में तेजी आई है। विभाग का कहना है कि व्यापक सैंपलिंग से खाद्य सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिल रही है। सांजटा ने लोगों से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। खाद्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी या शिकायत के लिए एफएसएसएआई हेल्पलाइन नंबर 76499-00015 पर संपर्क किया जा सकता है।